# ऊर्जा भंडारण VGF योजना 2026: 92 GWh के लिए ₹14,500 करोड़, परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य

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**एक पंक्ति में:** 4 नवंबर 2026 को मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्केल भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) मंज़ूर की: 60 GWh पंप्ड स्टोरेज, 30 GWh बैटरी और 2 GWh अन्य तकनीकें।

## मुख्य तथ्य
- **मंज़ूरी:** केंद्रीय मंत्रिमंडल, 4 नवंबर 2026
- **VGF सहायता:** ₹14,500 करोड़
- **अवधि:** वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31
- **कुल क्षमता:** 92 GWh
- **क्षमता का मिश्रण:** 60 GWh PSP, 30 GWh BESS, 2 GWh वैकल्पिक
- **अनुमानित निवेश:** ₹97,600 करोड़
- **BESS में घरेलू सामग्री:** कम से कम 40%
- **2031-32 तक ज़रूरत:** 411 GWh

## घटनाक्रम
- 6 सितंबर 2023: मंत्रिमंडल ने ₹3,760 करोड़ बजटीय सहायता के साथ 4,000 MWh BESS के लिए VGF मंज़ूर किया
- 4 नवंबर 2026: मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्केल भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ का VGF मंज़ूर किया
- वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31: नई योजना के तहत वित्तीय सहायता की अवधि
- 2031-32: इस वर्ष तक 411 GWh ग्रिड-स्केल भंडारण की ज़रूरत

## क्या हुआ

4 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने **Viability Gap Funding (VGF) Scheme for Development of Grid-Scale Energy Storage Systems** को मंज़ूरी दी। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल **₹14,500 करोड़** की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहायता **92 GWh** की उस भंडारण क्षमता के लिए है जो अभी चालू नहीं हुई है।

92 GWh को तीन तकनीकों में बाँटा गया है: 60 GWh हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP), 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) और 2 GWh वैकल्पिक भंडारण तकनीकें। योजना से कुल ₹97,600 करोड़ के निवेश की उम्मीद है।

## पृष्ठभूमि

भारत बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा जोड़ रहा है। ये स्रोत तभी बिजली देते हैं जब धूप हो या हवा चले। ऊर्जा भंडारण से ग्रिड अतिरिक्त बिजली को जमा कर सकता है और माँग बढ़ने या उत्पादन घटने पर, जैसे सूर्यास्त के बाद, उसे इस्तेमाल कर सकता है। भंडारण परियोजनाओं में पूँजी लागत बहुत अधिक होती है, इसलिए सरकार VGF के ज़रिए लागत का एक हिस्सा पहले ही दे देती है, ताकि इनसे मिलने वाली बिजली सस्ती रहे।

भंडारण के लिए यह पहली VGF योजना नहीं है। 6 सितंबर 2023 को मंत्रिमंडल ने 2030-31 तक 4,000 MWh की BESS परियोजनाओं के लिए VGF योजना मंज़ूर की थी। उसमें ₹9,400 करोड़ के प्रारंभिक परिव्यय के भीतर ₹3,760 करोड़ की बजटीय सहायता रखी गई थी। उस योजना में पूँजी लागत के 40% तक VGF दिया जाना था, जो परियोजना के पड़ावों से जुड़ी पाँच किस्तों में मिलता। साथ ही परियोजना क्षमता का कम से कम 85% बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को उपलब्ध कराना ज़रूरी था। नई योजना कहीं बड़ी है और 2023 की योजना के विपरीत इसमें पंप्ड स्टोरेज और अन्य तकनीकें भी शामिल हैं।

## मुख्य बिंदु

| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना | VGF Scheme for Development of Grid-Scale Energy Storage Systems |
| मंज़ूरी | केंद्रीय मंत्रिमंडल, 4 नवंबर 2026 |
| वित्तीय सहायता | ₹14,500 करोड़ |
| अवधि | वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 |
| कुल क्षमता | 92 GWh (अभी चालू होनी है) |
| पंप्ड स्टोरेज (PSP) | 60 GWh |
| बैटरी भंडारण (BESS) | 30 GWh |
| वैकल्पिक तकनीकें | 2 GWh |
| अनुमानित निवेश | ₹97,600 करोड़ |
| चयन का तरीका | टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली |
| घरेलू सामग्री (BESS) | कम से कम 40% |

आधिकारिक विज्ञप्ति के अन्य प्रावधान:

- **VGF किसे मिलेगा:** BESS और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियाँ VGF सहायता की पात्र हैं। वैकल्पिक भंडारण परियोजनाएँ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाएँ लागू कर सकती हैं।
- **पैमाना:** 92 GWh को भारत की मौजूदा ग्रिड-स्केल भंडारण क्षमता के 170% के बराबर बताया गया है।
- **ज़रूरत:** विज्ञप्ति के अनुसार 2031-32 तक भारत को 411 GWh ग्रिड-स्केल भंडारण की ज़रूरत है।
- **घरेलू विनिर्माण:** BESS के लिए 40% घरेलू सामग्री की शर्त (Domestic Content Requirement) का उद्देश्य स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना और बैटरी विनिर्माण के लिए मौजूदा आपूर्ति-पक्ष प्रोत्साहनों का पूरक बनना है।

सीधे औसत से (यह हमारी गणना है, कोई आधिकारिक दर नहीं) प्रति GWh लगभग ₹158 करोड़ VGF बनता है, और सरकारी सहायता ₹97,600 करोड़ के अनुमानित निवेश का लगभग 15% है।

> **आँकड़ों को अलग रखें।** भंडारण योजना की आधिकारिक विज्ञप्ति में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए किसी सब्सिडी या किसी अन्य परिव्यय का ज़िक्र नहीं है। PM India वेबसाइट पर मंत्रिमंडल की एक अलग विज्ञप्ति है, जिसका शीर्षक "Capex Support Scheme to Promote Critical Mineral Processing with an Outlay of Rs 2,814 Crore for Lithium and Nickel processing" है। वह एक अलग योजना है। परीक्षा के लिए भंडारण VGF का आँकड़ा है: **92 GWh के लिए ₹14,500 करोड़**।

## यह क्यों महत्वपूर्ण है

- **नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण:** भंडारण से सौर और पवन बिजली का उपयोग रात में और व्यस्त समय में हो सकता है। सरकार के अनुसार इससे चौबीसों घंटे भरोसेमंद और किफ़ायती बिजली आपूर्ति में मदद मिलेगी।
- **ग्रिड की स्थिरता:** संग्रहीत ऊर्जा को तुरंत छोड़कर आपूर्ति और माँग के अचानक बदलाव को संतुलित किया जा सकता है।
- **आयात में कमी और ऊर्जा सुरक्षा:** सरकार इस योजना को आयात पर निर्भरता घटाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्यों से जोड़ती है।
- **विनिर्माण को बढ़ावा:** 40% घरेलू सामग्री के नियम से भारत में बने बैटरी पुर्ज़ों की पक्की माँग बनती है।
- **डिस्कॉम खरीदार के रूप में:** BESS और पंप्ड स्टोरेज के लिए डिस्कॉम को मुख्य लाभार्थी बनाकर योजना भंडारण को सीधे उन कंपनियों से जोड़ती है जो उपभोक्ताओं को बिजली देती हैं।

## मुद्दे और आलोचना

आधिकारिक विज्ञप्ति हर सवाल का जवाब नहीं देती। उत्तर लिखते समय छात्र इन बिंदुओं पर विचार कर सकते हैं:

- **अंतर का आकार:** 92 GWh के बाद भी 2031-32 तक 411 GWh की ज़रूरत का मतलब है कि बहुत अधिक क्षमता दूसरे रास्तों से जुटानी होगी।
- **पंप्ड स्टोरेज का क्रियान्वयन:** लगभग दो-तिहाई क्षमता पंप्ड स्टोरेज की है, जो उपयुक्त स्थल, पानी और पर्यावरण मंज़ूरी पर निर्भर है और बैटरी की तुलना में बनने में अधिक समय लेती है।
- **घरेलू सामग्री बनाम लागत:** अगर सेल और पुर्ज़ों की घरेलू आपूर्ति समय पर तैयार न हो, तो 40% घरेलू सामग्री की शर्त लागत बढ़ा सकती है या परियोजनाओं को धीमा कर सकती है।
- **डिस्कॉम की वित्तीय हालत:** टैरिफ बोली से चुनी गई परियोजनाएँ भी इस पर निर्भर हैं कि डिस्कॉम समय पर भुगतान कर सकें।
- **विवरण अभी बाकी:** विज्ञप्ति में प्रति MWh सहायता दर, राज्यवार आवंटन या परियोजना चालू करने की समय-सीमा नहीं दी गई है।

## आगे की राह

- बोलियाँ जल्दी जारी हों, ताकि परियोजनाएँ वित्त वर्ष 2030-31 की अवधि के भीतर चालू हो सकें।
- पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए स्थल पहचान और मंज़ूरियों में तेज़ी लाई जाए।
- 40% घरेलू सामग्री की शर्त के साथ-साथ घरेलू बैटरी आपूर्ति शृंखला तैयार की जाए।
- VGF के साथ, चालू हुई क्षमता की 411 GWh की ज़रूरत से तुलना करते हुए नियमित निगरानी हो।

## प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य

- योजना: VGF Scheme for Development of Grid-Scale Energy Storage Systems, 4 नवंबर 2026 को मंज़ूर।
- सहायता: वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ₹14,500 करोड़।
- क्षमता: 92 GWh, जिसमें 60 GWh पंप्ड स्टोरेज, 30 GWh BESS और 2 GWh वैकल्पिक तकनीकें।
- अनुमानित निवेश: ₹97,600 करोड़।
- आवंटन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली से; BESS के लिए न्यूनतम 40% घरेलू सामग्री।
- ग्रिड-स्केल भंडारण की ज़रूरत: 2031-32 तक 411 GWh।
- पिछली योजना (6 सितंबर 2023): 4,000 MWh BESS, ₹3,760 करोड़ बजटीय सहायता, पूँजी लागत के 40% तक VGF।

## SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए वन-लाइनर

- 92 GWh ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ का VGF मंज़ूर (नवंबर 2026)।
- सबसे बड़ा हिस्सा: 60 GWh हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज।
- बैटरी भंडारण का हिस्सा: 30 GWh, कम से कम 40% घरेलू सामग्री के साथ।
- योजना अवधि: वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31।
- परियोजनाओं का चयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली से।
- अर्थव्यवस्था की और ख़बरें पढ़ें: [हिंदी करंट अफेयर्स](/hi/current-affairs/news), और [SSC CGL](/hi/ssc-cgl) की तैयारी जारी रखें।

## मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

"ऊर्जा भंडारण भारत के नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण की छूटी हुई कड़ी है।" 2026 में मंज़ूर ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण के लिए Viability Gap Funding योजना के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

किन बिंदुओं को शामिल करें:

1. परिवर्तनशील सौर और पवन ऊर्जा को भंडारण की ज़रूरत क्यों है; पंप्ड स्टोरेज और बैटरी की भूमिका।
2. मुख्य विशेषताएँ: ₹14,500 करोड़, 92 GWh का मिश्रण, प्रतिस्पर्धी बोली, 40% घरेलू सामग्री।
3. 92 GWh और 2031-32 तक 411 GWh की ज़रूरत के बीच का अंतर; क्रियान्वयन और लागत की चुनौतियाँ।
4. ज़रूरी कदम: तेज़ मंज़ूरियाँ, घरेलू आपूर्ति शृंखला, डिस्कॉम की मज़बूत वित्तीय स्थिति।

## परीक्षा के लिए
- **UPSC:** GS III: अवसंरचना (ऊर्जा), नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, ऊर्जा सुरक्षा; प्रारंभिक: क्षमता मिश्रण और राशि
- **SSC:** तथ्यात्मक प्रश्न: ₹14,500 करोड़, 92 GWh, 60 GWh पंप्ड स्टोरेज, 30 GWh BESS
- **Banking:** परियोजना वित्त और VGF एक साधन के रूप में; ₹97,600 करोड़ निवेश; डिस्कॉम लाभार्थी
- **Railways:** सरकारी योजनाओं पर वन-लाइनर: राशि, क्षमता और अवधि
- **State PSC:** राज्य डिस्कॉम पात्र लाभार्थी; पंप्ड स्टोरेज स्थल और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण

## मुख्य शब्द
- **वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF):** सरकार का एकमुश्त अनुदान जो परियोजना की पूँजी लागत का हिस्सा वहन करता है, ताकि वह व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बने
- **पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP):** जलविद्युत संयंत्र जो सस्ती बिजली के समय पानी ऊपर पंप करता है और ज़रूरत पड़ने पर उसे टरबाइन से छोड़कर बिजली बनाता है
- **BESS:** बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, जो ग्रिड के लिए बिजली को बैटरियों में जमा करके बाद में देती है
- **घरेलू सामग्री की शर्त (Domestic Content Requirement):** परियोजना के मूल्य का वह न्यूनतम हिस्सा जो भारत में बने पुर्ज़ों से आना चाहिए

## स्रोत
- [PM India, Cabinet approves Rs 14,500 crore Viability Gap Funding Scheme for development of 92 GWh Grid-Scale Energy Storage Systems, 4 Nov 2026](https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/cabinet-approves-rs-14500-crore-viability-gap-funding-scheme-for-development-of-92-gwh-grid-scale-energy-storage-systems/)
- [PM India, Cabinet approves the Scheme titled Viability Gap Funding for development of Battery Energy Storage Systems (BESS), 6 Sep 2023](https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/cabinet-approves-the-scheme-titled-viability-gap-funding-for-development-of-battery-energy-storage-systems-bess/)

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