अंतरराष्ट्रीय संबंध · 1 नव॰ 2026
Read this in EnglishBIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास 2026: श्री विजयपुरम, अंडमान में पहला संस्करण
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एक पंक्ति में: भारत 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम में पहले BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास की मेज़बानी कर रहा है; ध्येय-वाक्य है 'Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity'।
मुख्य तथ्य
- अभ्यासपहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास
- तिथियाँ30 अक्टूबर – 3 नवंबर 2026 (रक्षा मंत्रालय)
- स्थानश्री विजयपुरम, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
- मेज़बानभारत, अंडमान और निकोबार कमान (ANC) के माध्यम से
- ध्येय-वाक्यTranslating Vision to Action – Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity
- प्रारूपविदेश मंत्रालय के अनुसार: तीन दिन टेबलटॉप अभ्यास, फिर जहाज़ों के साथ दो दिन का हार्बर चरण; ANC की पूर्व-जानकारी में हार्बर और समुद्री चरण बताए गए
- सदस्यबांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड
- उद्घाटनवाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी, कमांडर-इन-चीफ़, ANC
घटनाक्रम
- 6 जून 1997बैंकॉक घोषणा से BIST-EC की स्थापना (बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड)
- 22 दिसंबर 1997म्यांमार जुड़ा; समूह का नाम BIMST-EC हुआ
- 2004भूटान और नेपाल शामिल; पहले शिखर सम्मेलन (बैंकॉक, 31 जुलाई 2004) में नाम BIMSTEC हुआ
- 2014ढाका में BIMSTEC सचिवालय स्थापित
- 20 मई 2024BIMSTEC चार्टर लागू
- 4 अप्रैल 2025छठा BIMSTEC शिखर सम्मेलन, बैंकॉक; समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर
- 25 नवंबर 2025समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विशेषज्ञ समूह की चौथी बैठक (नई दिल्ली) में 2026 की दूसरी छमाही में पहला अभ्यास कराने पर सहमति
- 30 अक्टूबर 2026श्री विजयपुरम में पहले BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास का उद्घाटन
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCGS II: क्षेत्रीय समूह, 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट', BIMSTEC बनाम SAARC; GS III: समुद्री सुरक्षा, MDA, HADR। प्रारंभिक: सदस्य, सचिवालय, चार्टर, अभ्यास का स्थान और ध्येय-वाक्य
- SSCस्थैतिक + समसामयिक सामान्य ज्ञान: BIMSTEC का पूरा नाम, सात सदस्य, ढाका में सचिवालय, श्री विजयपुरम में पहला समुद्री अभ्यास
- Bankingवन-लाइनर: तिथियाँ (30 अक्टूबर–3 नवंबर 2026), मेज़बान कमान (ANC), ध्येय-वाक्य, BIMSTEC महासचिव
- Railwaysकौन-कहाँ: श्री विजयपुरम (पूर्व नाम पोर्ट ब्लेयर); BIMSTEC की स्थापना 1997 में बैंकॉक घोषणा से
- CDS/NDAरक्षा: अंडमान और निकोबार कमान, भारत की पहली त्रि-सेवा कमान; जहाज़ SLNS Gajabahu और UMS King Aung Zeya; राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक
- State PSCबंगाल की खाड़ी में भारत की क्षेत्रीय कूटनीति; अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की भूमिका
मुख्य शब्द
- BIMSTEC
- Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल): दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों का क्षेत्रीय समूह।
- समुद्री क्षेत्र जागरूकता (MDA)
- समुद्र में क्या हो रहा है (जहाज़, माल, खतरे), इसकी समय रहते जानकारी ताकि कार्रवाई की जा सके; आमतौर पर निगरानी आँकड़े साझा करके।
- टेबलटॉप अभ्यास
- चर्चा पर आधारित अभ्यास, जिसमें अधिकारी कागज़ या स्क्रीन पर किसी परिस्थिति को क्रम से परखते हैं ताकि योजना और समन्वय की जाँच हो सके।
- व्हाइट शिपिंग
- वाणिज्यिक (गैर-सैन्य) व्यापारिक जहाज़ों की अग्रिम जानकारी, जिसे देश समुद्री यातायात पर नज़र रखने के लिए आपस में साझा करते हैं।
- HADR
- मानवीय सहायता और आपदा राहत: चक्रवात, बाढ़ जैसी घटनाओं के बाद सैन्य और नागरिक मदद।
क्या हुआ
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी श्री विजयपुरम (पूर्व नाम पोर्ट ब्लेयर) में पहले BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास की मेज़बानी कर रहा है। इसका संचालन अंडमान और निकोबार कमान (ANC) कर रही है, और रक्षा मंत्रालय ने इसे "Translating Vision to Action – Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity" (दृष्टि को कार्य में बदलना – साझा समुद्र, साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि) के ध्येय-वाक्य के अंतर्गत रखा है। (ANC की पूर्व-जानकारी पर आधारित एक रिपोर्ट में समापन की तिथि 2 नवंबर बताई गई।)
अभ्यास में BIMSTEC के सभी सात सदस्य देश शामिल हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड। 30 अक्टूबर को ANC के कमांडर-इन-चीफ़ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने अभ्यास का उद्घाटन किया। भारत के राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता भी उपस्थित रहे, साथ ही बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भी आए।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, अभ्यास में पहले तीन दिन टेबलटॉप अभ्यास होंगे और उसके बाद दो दिन का हार्बर चरण होगा, जिसमें BIMSTEC सदस्य देशों के जहाज़ भाग लेंगे। ओडिशा बाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार ANC की अपनी पूर्व-जानकारी में अभ्यास को पेशेवर आदान-प्रदान और योजना वाले हार्बर चरण तथा उसके बाद समुद्री चरण के रूप में बताया गया। भारतीय नौसेना ने 31 अक्टूबर को श्री विजयपुरम में श्रीलंका के SLNS Gajabahu और म्यांमार के UMS King Aung Zeya का स्वागत किया।
पृष्ठभूमि
BIMSTEC की शुरुआत 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा से हुई, जिस पर बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड ने BIST-EC के रूप में हस्ताक्षर किए। 22 दिसंबर 1997 को म्यांमार जुड़ा (BIMST-EC), और 2004 में भूटान और नेपाल को सदस्यता मिली। 31 जुलाई 2004 को बैंकॉक में हुए पहले शिखर सम्मेलन ने समूह को उसका वर्तमान नाम दिया। इसका सचिवालय 2014 से ढाका, बांग्लादेश में है, और वर्तमान महासचिव भारतीय राजनयिक राजदूत इंद्र मणि पांडेय हैं।
BIMSTEC चार्टर 20 मई 2024 को लागू हुआ। 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में हुए छठे BIMSTEC शिखर सम्मेलन ने बैंकॉक विज़न 2030 अपनाया, समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, अंतरराष्ट्रीय अपराधों के साथ समुद्री सुरक्षा को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के क्षेत्रों में शामिल किया और बांग्लादेश का अगले अध्यक्ष के रूप में स्वागत किया। उस सम्मेलन का विषय था "Prosperous, Resilient and Open BIMSTEC" (समृद्ध, लचीला और खुला BIMSTEC)।
यह अभ्यास समुद्री सुरक्षा सहयोग पर BIMSTEC विशेषज्ञ समूह की पहल से निकला है। 25 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय की मेज़बानी में हुई इसकी चौथी बैठक में तय हुआ कि पहला अभ्यास 2026 की दूसरी छमाही में होगा। 16 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हुई BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पाँचवीं बैठक में सदस्यों ने HADR के समुद्री घटक पर दिशानिर्देश अपनाए और यह तय करने वाले मार्गदर्शक सिद्धांतों का समर्थन किया कि समुद्र में आपसी संपर्क के दौरान समुद्री कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ कैसा व्यवहार करें।
मुख्य बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| संस्करण | पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास |
| तिथियाँ | 30 अक्टूबर – 3 नवंबर 2026 |
| स्थान | श्री विजयपुरम, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह |
| संचालक | अंडमान और निकोबार कमान, भारत की पहली त्रि-सेवा कमान |
| ध्येय-वाक्य | Translating Vision to Action – Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity |
| संरचना | 3 दिन टेबलटॉप अभ्यास + 2 दिन हार्बर चरण (विदेश मंत्रालय); ANC की पूर्व-जानकारी में समुद्री चरण भी |
| प्रतिभागी | BIMSTEC के सभी सात सदस्य |
| जहाज़ | SLNS Gajabahu (श्रीलंका), UMS King Aung Zeya (म्यांमार) |
रक्षा मंत्रालय और ANC के हवाले से बताए गए उद्देश्य ये हैं:
- भाग लेने वाली सेनाओं के बीच बेहतर अंतर-संचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी);
- मज़बूत समुद्री क्षेत्र जागरूकता और बेहतर समन्वय तंत्र;
- सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान;
- HADR ज़रूरतों, सीमा-पार समुद्री अपराध और तेल व खतरनाक पदार्थों के रिसाव से होने वाले समुद्री प्रदूषण पर मिलकर कार्रवाई।
भूटान और नेपाल स्थलरुद्ध (लैंडलॉक्ड) देश हैं, लेकिन ANC ने अपनी पूर्व-जानकारी में बताया कि दोनों अपने व्यापार के लिए बंगाल की खाड़ी पर बहुत निर्भर हैं, इसलिए उनका भी प्रतिनिधित्व है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- बातचीत से कार्रवाई तक: अब तक BIMSTEC ज़्यादातर बैठकों और दिशानिर्देशों के ज़रिए ही काम करता रहा है। संयुक्त अभ्यास इसके समुद्री सुरक्षा ट्रैक की पहली व्यावहारिक परीक्षा है। ANC के अनुसार यह अभ्यास "दिल्ली घोषणा पर आधारित" है और इसका लक्ष्य आतंकवाद समेत समुद्री खतरों का सामूहिक जवाब देना है।
- बंगाल की खाड़ी की सुरक्षा: यह खाड़ी दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ती है और हर सदस्य के व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति का मार्ग है। जहाज़ों, अपराध और समुद्री आपदाओं की साझा जानकारी सभी के काम आती है।
- भारत की भूमिका: श्री विजयपुरम में मेज़बानी से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का महत्व सामने आता है, जो प्रमुख समुद्री मार्गों के किनारे स्थित हैं। यह भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों से भी मेल खाता है।
- आपदा प्रबंधन: इस क्षेत्र में चक्रवात बार-बार आते हैं; समुद्री HADR का साझा अभ्यास राहत पहुँचाने का समय घटा सकता है।
मुद्दे और आलोचना
- नौसैनिक क्षमता में असमानता: सदस्य देशों की नौसेनाओं और तटरक्षक बलों में बड़ा अंतर है; दो सदस्यों के पास समुद्र तट ही नहीं है, इसलिए भागीदारी स्वाभाविक रूप से असमान है।
- समुद्र में सीमित गतिविधि: विदेश मंत्रालय ने प्रारूप को टेबलटॉप अभ्यास और हार्बर चरण बताया, जबकि ANC की पूर्व-जानकारी में समुद्री चरण का भी उल्लेख था। जो भी हो, पाँच दिन का पहला संस्करण किसी जटिल समुद्री अभ्यास के बजाय एक शुरुआत भर है।
- लंबित ढाँचे: प्रस्तावित BIMSTEC व्हाइट शिपिंग समझौते का मसौदा अभी तैयार हो रहा है; ANC के अनुसार भारत जल्द ही इसका मसौदा सदस्य देशों के सामने रखेगा। समझौता होने तक तत्काल डेटा साझा करना सीमित रहेगा।
- BIMSTEC की धीमी गति: समूह लगभग तीन दशक पुराना है, पर उसका चार्टर 2024 में जाकर लागू हुआ। इससे पता चलता है कि इसकी संस्थाएँ कितनी धीमी गति से विकसित हुई हैं।
आगे की राह
- अभ्यास को नियमित (जैसे वार्षिक) आयोजन बनाया जाए और समय के साथ इसमें समुद्र में होने वाली गतिविधियाँ बढ़ाई जाएँ।
- व्हाइट शिपिंग समझौते को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि समुद्री क्षेत्र जागरूकता को ठोस आँकड़ों का आधार मिले।
- कानून-प्रवर्तन आचरण, HADR और तेल-रिसाव से निपटने पर तय दिशानिर्देशों को नियमित अभ्यासों का हिस्सा बनाया जाए।
- इस अभ्यास को BIMSTEC के आपदा-प्रबंधन अभ्यासों और समुद्री परिवहन सहयोग समझौते से जोड़ा जाए।
और अभ्यास के लिए साप्ताहिक करंट अफेयर्स क्विज़ हल करें।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य
- पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास: 30 अक्टूबर – 3 नवंबर 2026, श्री विजयपुरम, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह।
- संचालन अंडमान और निकोबार कमान ने किया; उद्घाटन वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने किया।
- ध्येय-वाक्य: "Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity" (साझा समुद्र, साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि)।
- प्रारूप (विदेश मंत्रालय के अनुसार): 3 दिन टेबलटॉप + 2 दिन हार्बर चरण।
- BIMSTEC: 7 सदस्य, स्थापना 6 जून 1997 (बैंकॉक घोषणा), सचिवालय ढाका (2014)।
- BIMSTEC चार्टर लागू: 20 मई 2024; वर्तमान अध्यक्ष: बांग्लादेश (छठे शिखर सम्मेलन, 2025 से)।
- महासचिव: इंद्र मणि पांडेय।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए वन-लाइनर
- पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास श्री विजयपुरम में हुआ।
- BIMSTEC का पूरा नाम Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) है।
- BIMSTEC के दो स्थलरुद्ध सदस्य भूटान और नेपाल हैं।
- BIMSTEC सचिवालय ढाका में है।
- छठा BIMSTEC शिखर सम्मेलन 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में हुआ।
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मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
"पहला BIMSTEC समुद्री सुरक्षा अभ्यास इस समूह के संवाद से व्यावहारिक सहयोग की ओर बढ़ने का संकेत है।" भारत और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के लिए इसके महत्व की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)
उत्तर में शामिल करें:
- अभ्यास क्या है: स्थान, तिथियाँ, प्रारूप, सभी सात सदस्य, ध्येय-वाक्य।
- महत्व: समुद्री क्षेत्र जागरूकता, HADR, समुद्री अपराध, भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियाँ, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की भूमिका।
- सीमाएँ: असमान नौसैनिक क्षमता, समुद्र में सीमित गतिविधि, लंबित व्हाइट शिपिंग समझौता।
- आगे की राह: नियमित संस्करण, समुद्र में अधिक गतिविधि, और तय दिशानिर्देशों को व्यवहार में उतारना।
स्रोत
- PIB (Ministry of Defence): Inaugural BIMSTEC Maritime Security Exercise – Translating Vision to Action: Shared Seas, Shared Security and Shared Prosperity (posted 31 Oct 2026)
- BIMSTEC Secretariat: NSCS of India hosts 4th Expert Group Meeting on Maritime Cooperation (25 Nov 2025)
- BIMSTEC Secretariat: 5th Meeting of the BIMSTEC National Security Chiefs, press release (16 Jul 2026)
- BIMSTEC Secretariat: Sixth BIMSTEC Summit Declaration (4 Apr 2025)
- BIMSTEC Secretariat: History of BIMSTEC
- BIMSTEC Secretariat: BIMSTEC Charter enters into force (20 May 2024)
- BIMSTEC Secretariat: Secretary General
- ANI: India hosts BIMSTEC Maritime Security Exercise from Oct 30 to Nov 3 (MEA spokesperson's statement, 31 Oct 2026)
- IANS via Social News XYZ: India hosts maiden BIMSTEC maritime security exercise in Andaman and Nicobar Islands (31 Oct 2026)
- RNA Media: BIMSTEC maritime exercise begins in Andaman, 7 nations join (Indian Navy ship arrivals, 31 Oct 2026)
- Odisha Bytes: First ever BIMSTEC Maritime Security Exercise gets underway in the Andamans (ANC statement)
- WION: BIMSTEC to hold first joint maritime security exercise in November 2026, says Secretary General Pandey (12 Apr 2026)