अर्थव्यवस्था · 1 नव॰ 2026
Read this in Englishडीजल-ATF निर्यात शुल्क में बदलाव (31 अक्टूबर 2026): पेट्रोल पर शून्य, विंडफॉल टैक्स और SAED की नई दरें
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एक पंक्ति में: 31 अक्टूबर 2026 से भारत ने पेट्रोल निर्यात पर ₹2.50 प्रति लीटर का शुल्क समाप्त कर दिया, डीजल निर्यात शुल्क ₹11.50 और ATF पर SAED ₹11 प्रति लीटर कर दिया; घरेलू ईंधन पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ।
मुख्य तथ्य
- पेट्रोल निर्यात शुल्क₹2.50 → शून्य प्रति लीटर
- डीजल निर्यात शुल्क₹8.50 → ₹11.50 प्रति लीटर
- ATF निर्यात पर SAED₹10.50 → ₹11 प्रति लीटर
- लागू होने की तिथि31 अक्टूबर 2026
- अधिसूचनाएँ55/2026 और 56/2026-Central Excise
- समीक्षाहर पखवाड़े
- घरेलू शुल्कअपरिवर्तित
घटनाक्रम
- 26-27 मार्च 2026पश्चिम एशिया तनाव के बीच डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क अधिसूचित
- 16 मई 2026ऑल इंडिया रेडियो न्यूज़ के अनुसार पेट्रोल निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर शुल्क लागू
- 16 अक्टूबर 2026पेट्रोल ₹2.50, डीजल ₹8.50 प्रति लीटर (अधिसूचना 54/2026)
- 31 अक्टूबर 2026पेट्रोल शून्य, डीजल ₹11.50, ATF ₹11 प्रति लीटर
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCGS III: अप्रत्यक्ष कराधान, ऊर्जा सुरक्षा, निर्यात नीति और विंडफॉल टैक्स
- SSCकरंट अफेयर्स: पेट्रोल, डीजल और ATF निर्यात की नई दरें; विंडफॉल टैक्स का अर्थ
- Bankingअर्थव्यवस्था: SAED, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 5A, निर्यात शुल्क की पाक्षिक समीक्षा
- Railwaysवन-लाइनर: 31 अक्टूबर 2026 से पेट्रोल निर्यात शुल्क शून्य, डीजल ₹11.50 प्रति लीटर
मुख्य शब्द
- विंडफॉल टैक्स (अप्रत्याशित लाभ कर)
- किसी बाहरी घटना, जैसे वैश्विक कीमतों में अचानक उछाल, से हुए असामान्य रूप से बड़े मुनाफे पर लगाया जाने वाला कर
- SAED
- Special Additional Excise Duty यानी विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क; यहाँ ईंधन निर्यात पर कर लगाने के लिए प्रयुक्त केंद्रीय उत्पाद शुल्क
- ATF
- Aviation Turbine Fuel यानी विमानन टरबाइन ईंधन, जो विमानों में प्रयुक्त होता है
- धारा 5A, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम
- केंद्र को वस्तुओं को उत्पाद शुल्क से छूट देने की शक्ति; इसी के सहारे निर्यात की प्रभावी दरें तय की जाती हैं
क्या हुआ
31 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दो अधिसूचनाएँ जारी कीं, जिनसे अगले पखवाड़े के लिए तीन ईंधनों के निर्यात पर लगने वाले शुल्क की नई दरें तय हुईं:
- पेट्रोल: निर्यात शुल्क ₹2.50 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया।
- डीजल (हाई-स्पीड डीजल): निर्यात शुल्क ₹8.50 से बढ़ाकर ₹11.50 प्रति लीटर किया गया।
- विमानन टरबाइन ईंधन (ATF): विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) ₹10.50 से बढ़ाकर ₹11 प्रति लीटर किया गया।
नई दरें 31 अक्टूबर 2026 से ही लागू हो गईं, क्योंकि उसी दिन ये अधिसूचनाएँ राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशित हुईं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के भीतर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क अपरिवर्तित है, इसलिए केवल इस कदम से पेट्रोल पंप पर कीमतें नहीं बदलतीं।
पृष्ठभूमि
इन शुल्कों को आम बोलचाल में विंडफॉल टैक्स कहा जाता है। विंडफॉल टैक्स उस असामान्य रूप से बड़े मुनाफे पर लगता है जो किसी कंपनी को अपनी मेहनत से नहीं, बल्कि किसी बाहरी घटना के कारण मिलता है। जब वैश्विक बाज़ार में ईंधन की कीमतें उछलती हैं, तब रिफाइनरियाँ पेट्रोल, डीजल या ATF को देश में बेचने के बजाय विदेश भेजकर कहीं अधिक कमा सकती हैं।
भारत ने मार्च 2026 के अंत में डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क लगाया था, जब पश्चिम एशिया के तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को अस्त-व्यस्त कर दिया था। मूल अधिसूचनाएँ (संख्या 06/2026 और 08/2026-Central Excise) 26 मार्च 2026 की हैं, जबकि समाचार रिपोर्टें इस शुल्क की शुरुआत 27 मार्च से बताती हैं। अधिसूचना 06/2026 में पेट्रोल भी शामिल था, परंतु उसकी दर शून्य रखी गई थी। पेट्रोल पर शुल्क की शुरुआत को लेकर रिपोर्टों में मतभेद है: ANI की रिपोर्ट तीनों ईंधनों पर शुल्क 27 मार्च से बताती है, जबकि बिज़नेस टुडे पेट्रोल पर शुल्क 16 मई से बताता है। ऑल इंडिया रेडियो न्यूज़ के अनुसार 16 मई 2026 से पेट्रोल निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर का शुल्क लागू हुआ।
सरकार इन दरों की समीक्षा हर पखवाड़े करती है। ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा में पिछले संशोधन के बाद से कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखा जाता है। वर्ष 2026 में ये दरें कई बार ऊपर-नीचे हुई हैं। पिछला संशोधन 16 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ था (अधिसूचना संख्या 54/2026-Central Excise), जिसमें पेट्रोल पर ₹2.50 और डीजल पर ₹8.50 प्रति लीटर की दर तय की गई थी।
मुख्य बिंदु
| ईंधन (निर्यात) | 16 अक्टूबर 2026 से दर | 31 अक्टूबर 2026 से दर | बदलाव |
|---|---|---|---|
| पेट्रोल | ₹2.50/लीटर | शून्य | समाप्त |
| डीजल (HSD) | ₹8.50/लीटर | ₹11.50/लीटर | +₹3.00 |
| ATF | ₹10.50/लीटर | ₹11.00/लीटर | +₹0.50 |
- अधिसूचनाएँ: संख्या 55/2026-Central Excise (पेट्रोल और डीजल; अधिसूचना 06/2026 में संशोधन) और संख्या 56/2026-Central Excise (ATF; अधिसूचना 08/2026 में संशोधन), दोनों 31 अक्टूबर 2026 की।
- कानूनी आधार: केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 5A, वित्त अधिनियम, 2002 की धारा 147 के साथ पठित।
- जारी करने वाला प्राधिकरण: वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग।
- डीजल शुल्क की संरचना: स्रोतों में मतभेद है। बिज़नेस टुडे के अनुसार डीजल का ₹11.50 का आँकड़ा SAED और सड़क एवं अवसंरचना उपकर (Road and Infrastructure Cess) की संयुक्त दर है, जबकि A2Z Taxcorp के अधिसूचना-सारांश में इसे SAED बताया गया है।
- दायरा: केवल निर्यात पर लागू; पेट्रोल और डीजल पर घरेलू शुल्क पहले जैसा ही है।
- वैधता: अगली पाक्षिक समीक्षा तक।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- ऊर्जा सुरक्षा: डीजल और ATF पर ऊँचा शुल्क निर्यात को कम आकर्षक बनाता है और आपूर्ति के जोखिम बने रहने तक रिफाइनरियों को अधिक उत्पाद घरेलू बाज़ार के लिए रखने को प्रेरित करता है।
- कीमतों का संकेत: पेट्रोल पर शुल्क हटाना यह दर्शाता है कि मौजूदा वैश्विक कीमतों पर पेट्रोल निर्यात से होने वाले अतिरिक्त लाभ पर अब कर लगाने की आवश्यकता नहीं रही।
- राजस्व: ईंधन निर्यात करने वाली रिफाइनरियों से मिलने वाला निर्यात शुल्क केंद्र के उत्पाद शुल्क संग्रह को बढ़ाता है।
- लचीला साधन: हर पखवाड़े दरों में बदलाव से सरकार पूरे वर्ष के लिए एक दर तय करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव पर तुरंत प्रतिक्रिया दे पाती है।
मुद्दे और आलोचना
- निर्यातकों के लिए अनिश्चितता: हर दो सप्ताह में बदलती दरों के कारण रिफाइनरियों के लिए निर्यात अनुबंधों की योजना बनाना कठिन हो जाता है।
- प्रतिस्पर्धा क्षमता: निर्यात पर कर से निर्यातोन्मुख रिफाइनरियों की कमाई घट सकती है और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
- संरचना का प्रश्न: विंडफॉल टैक्स मूल रूप से अस्थायी होता है। यह जितना लंबा चलता है, उतना ही एक नियमित कर जैसा बनता जाता है, जिसका असर निवेश के निर्णयों पर पड़ सकता है।
- दूसरी ओर, ANI की रिपोर्ट के अनुसार सरकार का घोषित उद्देश्य आपूर्ति संकट के दौरान "पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता" सुनिश्चित करना है।
आगे की राह
- समीक्षा की पद्धति और कीमतों के मानक सार्वजनिक किए जाएँ, ताकि निर्यातक बदलावों का पहले से अनुमान लगा सकें।
- बाहर निकलने की स्पष्ट शर्त तय हो: वैश्विक कीमतें और आपूर्ति स्थिर होते ही ये शुल्क हटा दिए जाएँ।
- रणनीतिक भंडार बनाए जाएँ और कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाई जाए, ताकि भविष्य के संकटों में निर्यात पर रोक जैसे उपायों पर निर्भरता घटे।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य
- संशोधन की तिथि: 31 अक्टूबर 2026, उसी दिन से प्रभावी।
- पेट्रोल निर्यात शुल्क: ₹2.50 → शून्य।
- डीजल निर्यात शुल्क: ₹8.50 → ₹11.50 प्रति लीटर।
- ATF निर्यात पर SAED: ₹10.50 → ₹11 प्रति लीटर।
- अधिसूचनाएँ: 55/2026 और 56/2026-Central Excise।
- कानूनी आधार: केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 5A, वित्त अधिनियम, 2002 की धारा 147 के साथ पठित।
- दरों की समीक्षा हर पखवाड़े होती है; घरेलू शुल्क अपरिवर्तित।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए वन-लाइनर
- किसी बाहरी घटना से हुए असामान्य रूप से ऊँचे मुनाफे पर लगने वाले कर को विंडफॉल टैक्स कहते हैं।
- 31 अक्टूबर 2026 से भारत पेट्रोल के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लेता।
- डीजल निर्यात शुल्क बढ़ाकर ₹11.50 प्रति लीटर किया गया।
- ATF का पूरा नाम Aviation Turbine Fuel (विमानन टरबाइन ईंधन) है।
- भारत के ईंधन निर्यात शुल्क की समीक्षा हर 15 दिन (पाक्षिक) में होती है।
और अभ्यास के लिए साप्ताहिक करंट अफेयर्स क्विज़ या SSC CGL पेज देखें।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
"पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात शुल्क वैश्विक संकट के समय घरेलू आपूर्ति की रक्षा करता है, परंतु रिफाइनरियों और व्यापार पर इसकी लागत भी पड़ती है। वर्ष 2026 में ईंधन निर्यात पर भारत द्वारा विंडफॉल टैक्स के प्रयोग का परीक्षण कीजिए।" (GS III, 250 शब्द)
उत्तर में शामिल करें: 1. विंडफॉल टैक्स की अवधारणा स्पष्ट करें और बताएँ कि पश्चिम एशिया तनाव के बीच ईंधन निर्यात पर कर क्यों लगाया गया। 2. 31 अक्टूबर 2026 के संशोधन का उदाहरण दें: पेट्रोल शून्य, डीजल ₹11.50 और ATF ₹11 प्रति लीटर। 3. लाभ: घरेलू उपलब्धता, राजस्व, हर पखवाड़े त्वरित समायोजन। 4. लागत: नीतिगत अनिश्चितता, निर्यात प्रतिस्पर्धा; पारदर्शी सूत्र और बाहर निकलने की योजना का सुझाव दें।
स्रोत
- Business Today, Government hikes windfall tax on diesel, ATF exports; cuts petrol export duty to zero, 31 Oct 2026
- The Tribune (ANI), Centre scraps petrol export levy, raises diesel duty to Rs 11.5 per litre, 31 Oct 2026
- A2Z Taxcorp, Notifications 55/2026 and 56/2026-Central Excise on export duty revision, 31 Oct 2026
- Ministry of Finance notifications of 26 March 2026 on SAED for diesel and ATF exports (via PPAC)
- Ministry of Finance, Notification No. 54/2026-Central Excise, 15 Oct 2026 (via TaxHeal)
- All India Radio News, Govt imposes SAED of Rs 3 per litre on export of petrol, 16 May 2026