IMD नवंबर 2026 वर्षा पूर्वानुमान: उत्तर-पूर्वी मानसून में सामान्य से कम बारिश, अल नीनो और रबी पर असर

इनके लिए उपयोगी UPSC मॉक टेस्ट · State PSC · SSC मॉक टेस्ट · Banking मॉक टेस्ट · Railways मॉक टेस्ट

एक पंक्ति में: IMD के 31 अक्टूबर 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार नवंबर में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूरे देश में वर्षा सामान्य से कम (LPA का <77%) रहने की संभावना है; तापमान सामान्य से अधिक, अल नीनो बहुत प्रबल और IOD तटस्थ रहेगा।

मुख्य तथ्य

  • जारी31 अक्टूबर 2026, IMD (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय)
  • दक्षिण प्रायद्वीप में वर्षा, नवंबरसामान्य से कम, LPA का <77% (LPA लगभग 118.7 मिमी)
  • अखिल भारतीय वर्षा, नवंबरसामान्य से कम, LPA का <77% (LPA लगभग 29.7 मिमी)
  • तापमानदेश के अधिकांश भागों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक
  • ENSOबहुत प्रबल अल नीनो, नवंबर–दिसंबर 2026 तक बने रहने की संभावना
  • IODदिसंबर 2026 तक तटस्थ रहने की संभावना (सूचकांक +0.4 °C से ऊपर, पर अभी लगातार नहीं)
  • OND ऋतु पूर्वानुमान (30 सितंबर)सामान्य, LPA का 88–112% (लगभग 334.1 मिमी), दक्षिण प्रायद्वीप
  • उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत 202615 अक्टूबर 2026

घटनाक्रम

  1. 1998IMD ने दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून वर्षा का मौसमी पूर्वानुमान देना शुरू किया
  2. 2021IMD ने मासिक और मौसमी पूर्वानुमान के लिए MME आधारित रणनीति अपनाई
  3. 30 सितंबर 2026IMD ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में OND वर्षा सामान्य (LPA का 88–112%) रहने का पूर्वानुमान दिया
  4. 1 अक्टूबर 2026चेन्नई में उत्तर-पूर्वी मानसून मौसमी पूर्वानुमान फोरम आयोजित
  5. 15 अक्टूबर 2026दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से लौटा; उत्तर-पूर्वी मानसून की वर्षा शुरू
  6. 31 अक्टूबर 2026IMD का नवंबर पूर्वानुमान: सामान्य से कम वर्षा (LPA का <77%), बहुत प्रबल अल नीनो
  7. नवंबर 2026 का अंतIMD दिसंबर का पूर्वानुमान और दिसंबर–फरवरी का मौसमी पूर्वानुमान जारी करेगा

आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी

  • UPSCGS I (भारतीय मानसून, ENSO, IOD) और GS III (कृषि, जल सुरक्षा); प्रारंभिक परीक्षा में LPA और उत्तर-पूर्वी मानसून
  • State PSCTNPSC, APPSC, KPSC, केरल PSC: उत्तर-पूर्वी मानसून पर निर्भरता, जलाशय, रबी फसलें
  • SSCस्थैतिक सामान्य ज्ञान: उत्तर-पूर्वी मानसून के महीने, तमिलनाडु की वर्षा ऋतु, IMD पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन
  • Bankingकृषि जागरूकता: सामान्य से कम वर्षा से रबी बुवाई और मिट्टी की नमी पर खतरा
  • Railwaysवन-लाइनर: IMD का नवंबर 2026 पूर्वानुमान, अल नीनो, LPA

मुख्य शब्द

दीर्घावधि औसत (LPA)
किसी क्षेत्र और अवधि की लंबे आधार-काल की औसत वर्षा; IMD का वर्तमान आधार-काल 1971–2020 है
उत्तर-पूर्वी मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून के लौटने के बाद पूर्वी/उत्तर-पूर्वी हवाओं से दक्षिण भारत में अक्टूबर–दिसंबर में होने वाली वर्षा
अल नीनो
ENSO की गर्म अवस्था: मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर की सतह का असामान्य रूप से गर्म होना
हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD)
पश्चिमी और पूर्वी हिंद महासागर की समुद्री सतह के तापमान का अंतर; पश्चिमी भाग अधिक गर्म हो तो धनात्मक
तृतीयक (टर्साइल) श्रेणियाँ
सामान्य से अधिक, सामान्य और सामान्य से कम; जलवायु के हिसाब से हर एक की संभावना बराबर 33.33%

क्या हुआ

31 अक्टूबर 2026 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नवंबर 2026 के लिए वर्षा और तापमान का मासिक पूर्वानुमान जारी किया। मुख्य बात: नवंबर में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूरे देश, दोनों में वर्षा सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत, LPA के 77% से कम) रहने की सबसे अधिक संभावना है।

IMD के अनुसार देश के अधिकांश भागों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेंगे। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में इस समय बहुत प्रबल अल नीनो की स्थिति है, जो नवंबर–दिसंबर 2026 में भी बनी रह सकती है, और दिसंबर 2026 तक हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की तटस्थ स्थिति बने रहने की संभावना है।

पृष्ठभूमि

उत्तर-पूर्वी मानसून. दक्षिण-पश्चिम मानसून के लौटने के बाद दक्षिण भारत के ऊपर हवाएँ पूर्वी/उत्तर-पूर्वी हो जाती हैं और उत्तर-पूर्वी मानसून (अक्टूबर–दिसंबर, OND) लाती हैं। IMD इस OND अवधि को मानसून-पश्चात ऋतु कहता है। 2026 में IMD के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, चेन्नई ने घोषणा की कि 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से लौट गया और उसी दिन तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा केरल और माहे में उत्तर-पूर्वी मानसून की वर्षा शुरू हो गई।

दक्षिण के लिए यह क्यों अहम है. IMD के अनुसार दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (पाँच मौसम उपखंड) को अपनी वार्षिक वर्षा का लगभग 30% OND में मिलता है, और तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल को लगभग 48%। IMD 1998 से दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून वर्षा का मौसमी पूर्वानुमान दे रहा है।

IMD पूर्वानुमान कैसे देता है. 2021 से IMD अपने सांख्यिकीय मॉडलों के साथ कई केंद्रों के युग्मित वैश्विक जलवायु मॉडलों के बहु-मॉडल समूह (Multi-Model Ensemble, MME) का उपयोग करता है, जिसमें उसका अपना मानसून मिशन युग्मित पूर्वानुमान तंत्र (Monsoon Mission Coupled Forecast System, MMCFS) भी शामिल है।

ऋतु पूर्वानुमान में क्या कहा गया था. 30 सितंबर 2026 को IMD ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में OND वर्षा सामान्य (LPA का 88–112%) रहने का पूर्वानुमान दिया था; OND का LPA लगभग 334.1 मिमी (1971–2020) है। 31 अक्टूबर का पूर्वानुमान इस ऋतु के सबसे अहम महीने के लिए पहला मासिक संकेत है, और नवंबर के लिए यह उलटी दिशा दिखाता है।

मुख्य बिंदु

विषयनवंबर 2026 के लिए IMD का पूर्वानुमान
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में वर्षासामान्य से कम, LPA के 77% से कम
नवंबर का LPA, दक्षिण प्रायद्वीप (1971–2020)लगभग 118.7 मिमी
अखिल भारतीय वर्षासामान्य से कम, LPA के 77% से कम
नवंबर का LPA, अखिल भारतीय (1971–2020)लगभग 29.7 मिमी
अपवाद (वर्षा)मध्य, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक वर्षा संभव (पूर्वी भारत केवल विस्तृत पाठ में है, मुख्य बिंदुओं में नहीं)
अधिकतम तापमानअधिकांश भागों में सामान्य से अधिक; हिमालय की तलहटी के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से लेकर सामान्य से कम
न्यूनतम तापमानअधिकांश भागों में सामान्य से अधिक; मध्य और पूर्वी भारत के कई भागों में सामान्य से लेकर सामान्य से कम
ENSOअभी बहुत प्रबल अल नीनो; नवंबर–दिसंबर 2026 में बने रहने की संभावना
IODसूचकांक +0.4 °C की सीमा से ऊपर, पर अभी लगातार नहीं; दिसंबर 2026 तक तटस्थ स्थिति की संभावना
अगला अपडेटदिसंबर 2026 का मासिक पूर्वानुमान और दिसंबर–फरवरी का मौसमी पूर्वानुमान, नवंबर 2026 के अंत में

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के पाँच उपखंड: तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल; तटीय आंध्र प्रदेश और यनम; रायलसीमा; केरल और माहे; तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक।

IOD से जुड़ी एक ध्यान देने योग्य बात. IMD की विज्ञप्ति के मुख्य बिंदुओं में IOD को तटस्थ बताया गया है, लेकिन विस्तृत पाठ के अनुसार IOD सूचकांक इस समय धनात्मक IOD की सीमा +0.4 °C को पार कर चुका है। धनात्मक IOD घटना को स्थापित मानने के लिए मान का लगातार कुछ समय तक इस सीमा से ऊपर बने रहना ज़रूरी है, और IMD का MMCFS तथा अन्य मॉडल अब भी पूरी मानसून-पश्चात ऋतु (दिसंबर 2026 तक) में तटस्थ स्थिति का अनुमान लगा रहे हैं।

तृतीयक (टर्साइल) श्रेणियाँ. IMD के मानचित्र तीन श्रेणियों (सामान्य से अधिक, सामान्य, सामान्य से कम) की संभावना बताते हैं, और जलवायु के हिसाब से हर श्रेणी की संभावना बराबर 33.33% होती है। "सामान्य" की प्रतिशत सीमाएँ क्षेत्र और अवधि के अनुसार बदलती हैं: दक्षिण प्रायद्वीप के OND ऋतु पूर्वानुमान में LPA का 88–112% लिया गया, जबकि नवंबर के पूर्वानुमान में LPA के 77% से कम को सामान्य से कम माना गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

  • दक्षिण में पानी और खेती: नवंबर उत्तर-पूर्वी मानसून का एक प्रमुख महीना है। तमिलनाडु अपनी वार्षिक वर्षा का लगभग आधा OND से पाता है, इसलिए सूखा नवंबर जलाशयों के भंडार और भूजल पर असर डालता है।
  • रबी बुवाई: IMD ने 30 सितंबर की विज्ञप्ति में चेताया था कि रबी ऋतु में सामान्य से कम वर्षा से मिट्टी की नमी, पानी की उपलब्धता और कृषि उत्पादकता घट सकती है, सिंचाई की ज़रूरत और सूखे दौर की आशंका बढ़ सकती है, तथा जलाशयों और भूजल का पुनर्भरण कम हो सकता है।
  • गर्म रातें: देश के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अर्थ है उस महीने में गर्म रातें, जिसमें आमतौर पर सर्दी की ठंडक शुरू होती है।
  • जलवायु कारकों का जीवंत उदाहरण: यह पूर्वानुमान दिखाता है कि अल नीनो और IOD भारतीय वर्षा को कैसे प्रभावित करते हैं, जो UPSC और राज्य PSC का प्रिय विषय है।

मुद्दे और आलोचना

  • ऋतु बनाम महीना: 30 सितंबर का मौसमी पूर्वानुमान दक्षिण प्रायद्वीप के लिए "सामान्य" था, जबकि नवंबर का पूर्वानुमान "सामान्य से कम" है। यह अपने आप में विरोधाभास नहीं है, क्योंकि अक्टूबर और दिसंबर की वर्षा भी ऋतु में गिनी जाती है, लेकिन छात्रों को हर पूर्वानुमान उसकी तिथि के साथ लिखना चाहिए।
  • पूर्वानुमान की सीमाएँ: IMD के उत्तर-पूर्वी मानसून फोरम दस्तावेज़ (चेन्नई, 1 अक्टूबर 2026) के अनुसार इस ऋतु में पूर्वी हवाओं के विक्षोभों और मैडेन-जूलियन दोलन (MJO) के कारण रोज़ाना के तेज़ उतार-चढ़ाव से मौसमी पूर्वानुमान की क्षमता सीमित रहती है।
  • IOD पर मिले-जुले संकेत: सूचकांक धनात्मक सीमा पार कर चुका है, फिर भी IMD तटस्थ स्थिति की अपेक्षा करता है। धनात्मक IOD मान लेने के बजाय IMD के अगले अपडेट पर नज़र रखें।
  • जलवायु परिवर्तन: IMD के उसी फोरम दस्तावेज़ के अनुसार वैश्विक तापन से इस क्षेत्र में भारी वर्षा, सूखे दौर और लू जैसी चरम घटनाओं की बारंबारता और तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

आगे की राह

  • IMD के कम अवधि वाले साधनों का उपयोग: IMD हर गुरुवार विस्तारित अवधि का पूर्वानुमान (अगले चार सप्ताहों के 7-दिवसीय औसत) और रोज़ लघु से मध्यम अवधि का पूर्वानुमान जारी करता है; किसान और अधिकारी सप्ताह-दर-सप्ताह बुवाई और सिंचाई की योजना बना सकते हैं।
  • जल बजट: IMD ने अधिकारियों को पानी की उपलब्धता का आकलन करने, सिंचाई को बेहतर ढंग से चलाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और कृषि आकस्मिक योजनाएँ तैयार रखने की सलाह दी है।
  • प्रभाव-आधारित चेतावनियाँ: IMD समय पर निर्णय के लिए अपने प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों और जोखिम-आधारित परामर्शों के उपयोग की सिफ़ारिश करता है।
  • अगले पूर्वानुमान पर नज़र: IMD नवंबर 2026 के अंत में दिसंबर का पूर्वानुमान और दिसंबर–फरवरी का पूर्वानुमान जारी करेगा।

इस सप्ताह की घटनाएँ दोहराने के लिए साप्ताहिक करंट अफेयर्स क्विज़ हल करें, और पाठ्यक्रम के लिए UPSC प्रारंभिक परीक्षा पेज देखें।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य

  • IMD का नवंबर 2026 पूर्वानुमान: दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूरे देश में वर्षा सामान्य से कम (LPA का <77%)।
  • नवंबर का LPA (1971–2020): दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए लगभग 118.7 मिमी; पूरे देश के लिए लगभग 29.7 मिमी।
  • दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का OND (मानसून-पश्चात) LPA: लगभग 334.1 मिमी; 30 सितंबर 2026 को ऋतु का पूर्वानुमान सामान्य (LPA का 88–112%) था।
  • दक्षिण प्रायद्वीप को वार्षिक वर्षा का लगभग 30% OND में मिलता है; तमिलनाडु को लगभग 48%।
  • 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से लौटा और उत्तर-पूर्वी मानसून 15 अक्टूबर को शुरू हुआ।
  • IMD का अपना युग्मित मॉडल: Monsoon Mission Coupled Forecast System (MMCFS); MME आधारित पूर्वानुमान 2021 से।
  • IMD द्वारा बताई गई धनात्मक IOD की सीमा: +0.4 °C।
  • IMD पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करता है।

SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए वन-लाइनर

  • IMD ने नवंबर 2026 का वर्षा और तापमान पूर्वानुमान 31 अक्टूबर 2026 को जारी किया।
  • उत्तर-पूर्वी मानसून की ऋतु अक्टूबर से दिसंबर तक रहती है।
  • उत्तर-पूर्वी मानसून से अपनी वार्षिक वर्षा का लगभग आधा पाने वाला भारतीय राज्य: तमिलनाडु।
  • IMD के पूर्वानुमानों में LPA का पूरा नाम Long Period Average (दीर्घावधि औसत) है।
  • नवंबर 2026 के लिए IMD द्वारा बताई गई प्रशांत महासागर की महासागर-वायुमंडल घटना: बहुत प्रबल अल नीनो।
  • सर्दियों में सामान्य से कम वर्षा मिट्टी की नमी घटाकर रबी फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है।

SSC या रेलवे की तैयारी कर रहे हैं? SSC CGL पेज और RRB NTPC पेज देखें।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. "अखिल भारतीय स्तर पर उत्तर-पूर्वी मानसून छोटा है, लेकिन दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए निर्णायक है।" IMD के नवंबर 2026 के पूर्वानुमान और ENSO तथा हिंद महासागर द्विध्रुव की भूमिका के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (250 शब्द, GS I/GS III)

उत्तर में शामिल करें:

  1. उत्तर-पूर्वी मानसून की क्रियाविधि और क्षेत्र; तमिलनाडु की वार्षिक वर्षा में लगभग 48% हिस्सा।
  2. IMD के पूर्वानुमान: OND "सामान्य" (30 सितंबर) और नवंबर "सामान्य से कम, LPA का <77%" (31 अक्टूबर); LPA और तृतीयक श्रेणियाँ।
  3. अल नीनो और IOD ऋतु को कैसे प्रभावित करते हैं, और मौसमी पूर्वानुमान की सीमाएँ (MJO, पूर्वी हवाओं के विक्षोभ)।
  4. रबी बुवाई, जलाशयों और भूजल पर प्रभाव, तथा IMD के विस्तारित अवधि और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों की भूमिका।
क्विज़ लोड हो रही है…

स्रोत

Free daily quiz on Telegram3 questions a day for SSC, Bank and Railway exams, with answers explained. Takes 2 minutes.Join