विज्ञान और प्रौद्योगिकी · 4 नव॰ 2026
Read this in Englishस्वदेशी AI मॉडल EKA-1 और Dhīr 2B, 5B: IndiaAI मिशन के तहत Soket और ZenteiQ के फाउंडेशन मॉडल जारी
इनके लिए उपयोगी UPSC मॉक टेस्ट · SSC मॉक टेस्ट · Banking मॉक टेस्ट · Railways मॉक टेस्ट
एक पंक्ति में: 3 नवंबर 2026 को IndiaAI मिशन ने Soket का EKA-1 (26.3 अरब पैरामीटर, सभी 22 अनुसूचित भाषाएँ और अंग्रेज़ी) तथा ZenteiQ के ओपन-सोर्स Dhīr 2B और Dhīr 5B (अंग्रेज़ी और 10 भारतीय भाषाएँ) जारी किए।
मुख्य तथ्य
- जारी होने की तारीख3 नवंबर 2026, नई दिल्ली
- जारीकर्ताIndiaAI मिशन, MeitY
- EKA-1 के विकासकर्ताSoket Labs Technology and Research
- EKA-1 का आकार26.3 अरब पैरामीटर, लगभग 7.5 लाख करोड़ (7.5 ट्रिलियन) टोकन पर प्रशिक्षित
- EKA-1 की भाषाएँसभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाएँ + अंग्रेज़ी
- Dhīr 2B और 5B के विकासकर्ताZenteiQ AiTech Innovations
- Dhīr की भाषाएँअंग्रेज़ी + 10 भारतीय भाषाएँ; ओपन-सोर्स, बिना इंटरनेट भी चलने में सक्षम
- मिशन का स्तंभIndiaAI इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल)
घटनाक्रम
- 7 मार्च 2024केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IndiaAI मिशन को मंज़ूरी दी
- 3 नवंबर 2026नई दिल्ली में एक प्रेस कार्यक्रम में EKA-1 (Soket) और Dhīr 2B व 5B (ZenteiQ) जारी
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCसामान्य अध्ययन III: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण; IndiaAI मिशन के स्तंभ, सार्वजनिक कंप्यूट और AI में रणनीतिक स्वायत्तता
- SSCस्थैतिक + समसामयिक: कौन-सा मॉडल किस कंपनी ने बनाया, कितनी भाषाएँ, संबंधित मंत्रालय (MeitY)
- BankingSoket के अनुसार EKA-1 भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र की ज़रूरतों के अनुरूप बनाया गया है
- Railwaysएक पंक्ति के तथ्य: EKA-1 = Soket, 26.3 अरब पैरामीटर; Dhīr 2B और 5B = ZenteiQ; IndiaAI मिशन को कैबिनेट मंज़ूरी 7 मार्च 2024
मुख्य शब्द
- फाउंडेशन मॉडल (Foundation model)
- व्यापक आंकड़ों पर प्रशिक्षित बड़ा AI मॉडल, जिसे प्रश्नों के उत्तर देने, कोड लिखने या अनुवाद जैसे अनेक कामों के लिए ढाला जा सकता है
- पैरामीटर (Parameters)
- प्रशिक्षण के दौरान मॉडल द्वारा सीखे गए आंतरिक संख्यात्मक मान; इनकी संख्या मॉडल के आकार का मोटा पैमाना है
- टोकन (Tokens)
- पाठ के छोटे टुकड़े (शब्द या शब्दांश), जिन्हें भाषा मॉडल पढ़ता है; प्रशिक्षण आंकड़ों का आकार टोकन में गिना जाता है
- ऑन-प्रिमाइस / ऑन-डिवाइस तैनाती
- मॉडल को दूर के क्लाउड के बजाय संस्था के अपने सर्वर या मोबाइल फ़ोन पर चलाना, ताकि आंकड़े स्थानीय स्तर पर ही रहें
- AIKosh
- IndiaAI डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म, जो IndiaAI मिशन के सात स्तंभों में से एक है
क्या हुआ
3 नवंबर 2026 को इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन IndiaAI मिशन ने नई दिल्ली में एक प्रेस कार्यक्रम में दो कंपनियों के स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल जारी किए:
- EKA-1, जिसे Soket Labs Technology and Research Private Limited ने विकसित किया है।
- Dhīr 2B और Dhīr 5B, जिन्हें ZenteiQ AiTech Innovations ने विकसित किया है।
कार्यक्रम में MeitY के सचिव एस. कृष्णन, MeitY और IndiaAI के वरिष्ठ अधिकारी तथा दोनों कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन मौजूद रहे। सरकार ने इन मॉडलों को मिशन की एक अहम उपलब्धि बताया।
पृष्ठभूमि
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मार्च 2024 को IndiaAI मिशन को मंज़ूरी दी थी। इसका मूल मंत्र है "Making AI in India and Making AI Work for India", यानी AI भारत में बने और भारत के काम आए। MeitY के अनुसार इस रणनीति का लक्ष्य भारत से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना, सभी भारतीयों के लिए आर्थिक और रोज़गार के अवसर पैदा करना तथा भारत को AI में वैश्विक अगुआ बनाना है।
मिशन सात स्तंभों पर काम करता है:
- IndiaAI Compute Capacity (कंप्यूट क्षमता)
- IndiaAI Innovation Centre (नवाचार केंद्र)
- IndiaAI Datasets Platform (AIKosh)
- IndiaAI Application Development Initiative (अनुप्रयोग विकास पहल)
- IndiaAI FutureSkills (भविष्य के कौशल)
- IndiaAI Startup Financing (स्टार्टअप वित्तपोषण)
- Safe & Trusted AI (सुरक्षित और भरोसेमंद AI)
Soket और ZenteiQ उन टीमों में शामिल हैं जिन्हें स्वदेशी फाउंडेशन AI क्षमता और बड़े भाषा मॉडल (LLM) बनाने के लिए IndiaAI इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल) स्तंभ के तहत चुना गया। मंत्रालय के अनुसार मिशन के तहत रियायती दर पर राष्ट्रीय AI कंप्यूट की सुविधा और सहायक शोध खर्चों के लिए मिली सहायता से ये मॉडल बन सके।
मुख्य विवरण
| आधार | EKA-1 | Dhīr 2B और Dhīr 5B |
|---|---|---|
| विकासकर्ता | Soket Labs Technology and Research | ZenteiQ AiTech Innovations |
| आकार और प्रशिक्षण | 26.3 अरब पैरामीटर; लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन | दो मॉडल (2B और 5B) |
| भाषाएँ | सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाएँ और अंग्रेज़ी | अंग्रेज़ी और 10 भारतीय भाषाएँ |
| बनावट | खुला, विरल (sparse) हाइब्रिड भाषा मॉडल | ओपन-सोर्स, हल्का, अपने सर्वर पर और बिना इंटरनेट चलने में सक्षम |
| उपयोग | गणित, कोड, तर्क और एजेंटिक उपयोग | दस्तावेज़-आधारित स्वचालन, जानकारी खोजना, नागरिक और उद्यम सेवाएँ |
| लक्षित क्षेत्र (घोषित) | बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ, साइबर सुरक्षा | रक्षा, सरकार, उद्योग, शिक्षा |
Soket का EKA-1
Soket के CEO अभिषेक उप्परवाल ने कहा कि यह मॉडल IndiaAI मिशन की सहायता से बना है और भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवा और साइबर सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें हर क्षेत्र की विशेष ज़रूरतों का ध्यान रखा गया है।
ZenteiQ के Dhīr 2B और Dhīr 5B
Dhīr मॉडल सुरक्षित, बहुभाषी सहायक के रूप में काम करने के लिए बने हैं, ख़ासकर कमज़ोर इंटरनेट वाले या संवेदनशील माहौल में। ZenteiQ के CEO प्रो. शशिकुमार ने बताया कि ये मॉडल GPU और TPU सहित अलग-अलग हार्डवेयर पर चल सकते हैं, और हल्की बनावट के कारण क्लाउड से जुड़े बिना मोबाइल फ़ोन पर भी चल सकते हैं, जिससे आंकड़े उपयोगकर्ता के उपकरण पर ही रहते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है
- रणनीतिक स्वायत्तता: सचिव एस. कृष्णन के अनुसार ऐसे स्वदेशी मॉडल AI में भारत की तकनीकी और रणनीतिक स्वायत्तता को मज़बूत करते हैं और सरकार, उद्योग, शोध तथा शिक्षा में उत्पादकता बढ़ा सकते हैं।
- भाषाई समावेशन: EKA-1 सभी अनुसूचित भारतीय भाषाओं को शामिल करता है, जो क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएँ देने के लिए अहम है।
- सार्वजनिक ढाँचे का असर: ये मॉडल दिखाते हैं कि कंप्यूट और इनोवेशन सेंटर स्तंभ ठोस उत्पादों में बदल रहे हैं।
- मॉडलों की विविधता: IndiaAI के COO सुदीप श्रीवास्तव के अनुसार ये मॉडल रोज़मर्रा के उपकरणों के लिए हल्के समाधान से लेकर जटिल उद्यम उपयोग के लिए बड़े मॉडल तक का दायरा दिखाते हैं।
- व्यापक पहुँच: मंत्रालय के अनुसार AIKosh जैसे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए ये मॉडल शोधकर्ताओं, छात्रों और नवाचारकर्ताओं तक पहुँचाए जा सकते हैं।
मुद्दे और आलोचना
संतुलित उत्तर के लिए ध्यान रखें कि विज्ञप्ति कुछ प्रश्न खुले छोड़ती है:
- इसमें कोई बेंचमार्क परिणाम नहीं दिए गए, इसलिए दूसरे मॉडलों की तुलना में प्रदर्शन का आकलन विज्ञप्ति से नहीं हो सकता।
- Dhīr जिन 10 भारतीय भाषाओं को समर्थन देता है, उनके नाम नहीं बताए गए।
- मंत्रालय कहता है कि मॉडल AIKosh के ज़रिए उपलब्ध कराए जा सकते हैं; इसकी तारीख या शर्तें नहीं बताई गईं।
- क्षेत्रों से जुड़े दावे (बैंकिंग, रक्षा आदि) विकासकर्ताओं के घोषित लक्ष्य हैं; वास्तविक उपयोग अभी देखना बाकी है।
आगे की राह
- कम संसाधन वाली भारतीय भाषाओं सहित मूल्यांकन के परिणाम सार्वजनिक किए जाएँ।
- AIKosh पर मॉडलों को स्पष्ट लाइसेंस के साथ आसानी से खोजने और इस्तेमाल करने लायक बनाया जाए।
- जहाँ बिना इंटरनेट, उपकरण पर चलने वाला AI काम आए, जैसे कमज़ोर नेटवर्क वाले इलाके, वहाँ सरकारी सेवाओं में प्रायोगिक उपयोग हो।
- पूर्वाग्रह और सुरक्षा की जाँच के ज़रिए इन्हें Safe & Trusted AI स्तंभ से जोड़ा जाए।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु
- EKA-1 को Soket Labs Technology and Research ने विकसित किया।
- EKA-1 में 26.3 अरब पैरामीटर हैं और इसे लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया।
- EKA-1 सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी को समर्थन देता है।
- Dhīr 2B और Dhīr 5B को ZenteiQ AiTech Innovations ने विकसित किया और ये ओपन-सोर्स हैं।
- Dhīr अंग्रेज़ी और 10 भारतीय भाषाओं को समर्थन देता है और बिना इंटरनेट, उपकरण पर चल सकता है।
- दोनों टीमों का चयन IndiaAI इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल) स्तंभ के तहत हुआ।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IndiaAI मिशन को 7 मार्च 2024 को मंज़ूरी दी; इसके सात स्तंभ हैं।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए एक पंक्ति के तथ्य
- IndiaAI मिशन से जुड़ा मंत्रालय: MeitY।
- EKA-1 के जारी होने की तारीख: 3 नवंबर 2026, नई दिल्ली।
- Soket ने EKA-1 के लिए जिन क्षेत्रों पर ज़ोर बताया: बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और साइबर सुरक्षा।
- IndiaAI डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म: AIKosh।
- ZenteiQ के अनुसार Dhīr जिन हार्डवेयर पर चल सकता है: GPU और TPU, साथ ही मोबाइल फ़ोन।
और अभ्यास के लिए हिंदी करंट अफेयर्स देखें; तैयारी के लिए SSC CGL हिंदी पेज और RRB NTPC हिंदी पेज देखें।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: "स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल केवल तकनीक का नहीं, रणनीतिक स्वायत्तता का भी प्रश्न हैं।" नवंबर 2026 में IndiaAI मिशन के तहत जारी मॉडलों के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (सामान्य अध्ययन III, 250 शब्द)
उत्तर में शामिल करने योग्य बिंदु:
- क्या जारी हुआ: EKA-1 (Soket, 26.3 अरब पैरामीटर, 22 अनुसूचित भाषाएँ और अंग्रेज़ी) और Dhīr 2B व 5B (ZenteiQ, ओपन-सोर्स, बिना इंटरनेट चलने में सक्षम)।
- राज्य की भूमिका: इनोवेशन सेंटर स्तंभ, रियायती राष्ट्रीय कंप्यूट और शोध सहायता।
- लाभ: भाषाई समावेशन, आंकड़ों का उपकरण पर ही रहना, संवेदनशील क्षेत्रों में उपयोग, AI में स्वायत्तता।
- कमियाँ: सार्वजनिक बेंचमार्क, AIKosh पर पहुँच की शर्तें, वास्तविक उपयोग और सुरक्षा जाँच।