पर्यावरण और पारिस्थितिकी · 3 नव॰ 2026
Read this in Englishभारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026: PM मोदी ने भारत मंडपम में किया उद्घाटन, लक्ष्य और मुख्य तथ्य
इनके लिए उपयोगी UPSC मॉक टेस्ट · SSC मॉक टेस्ट · Banking मॉक टेस्ट · Railways मॉक टेस्ट
एक पंक्ति में: प्रधानमंत्री मोदी ने 9वीं ISA सभा के साथ Bharat RE 2026 (2–5 नवंबर, भारत मंडपम) का उद्घाटन किया और कहा कि भारत अगले 10–11 वर्षों में 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता और जोड़ने का लक्ष्य रखेगा; MNRE के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक गैर-जीवाश्म क्षमता 300.50 GW थी।
मुख्य तथ्य
- आयोजनभारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 (Bharat RE 2026)
- तिथि और स्थान2–5 नवंबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली
- उद्घाटनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 2 नवंबर 2026
- थीमInvest. Innovate. Inspire.
- साथ में आयोजितISA सभा का 9वाँ सत्र; हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
- आकार (PIB)130+ देश, 40+ मंत्री, 400+ प्रदर्शक, 9 साझेदार देश
- गैर-जीवाश्म क्षमता31 जुलाई 2026 तक 300.50 GW (MNRE)
- नया लक्ष्य (प्रधानमंत्री)अगले 10–11 वर्षों में 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता और
घटनाक्रम
- 2024RE-INVEST सम्मेलन का आयोजन; PIB के अनुसार Bharat RE इसी RE-INVEST परंपरा को आगे बढ़ाता है
- 2025स्थापित बिजली क्षमता का आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से, पेरिस संकल्प पूरा (प्रधानमंत्री के अनुसार)
- 23 जुलाई 2026पूर्व-सूचना: तीन आयोजन (BRE, ISA सभा, ICGH) एक ही मंच पर होंगे
- 9 अगस्त 2026MNRE: गैर-जीवाश्म क्षमता 300 GW के पार (31 जुलाई तक 300.50 GW)
- 2 नवंबर 2026प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में Bharat RE 2026 का उद्घाटन किया
- 5 नवंबर 2026शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी का समापन
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCसामान्य अध्ययन III: ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, अवसंरचना; प्रारंभिक परीक्षा में ISA, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, क्षमता के आंकड़े
- SSCस्थैतिक और समसामयिक सामान्य ज्ञान: आयोजन स्थल, थीम, ISA, भारत का 500 GW लक्ष्य
- Bankingनिवेश के आंकड़े, हरित वित्त और नवीकरणीय क्षेत्र की योजनाएँ (PM सूर्य घर, KUSUM)
- Railwaysएक पंक्ति के तथ्य: Bharat RE 2026 का उद्घाटन, भारत मंडपम, पहली हरित हाइड्रोजन ट्रेन
मुख्य शब्द
- गैर-जीवाश्म क्षमता
- सौर, पवन, जल, जैव ऊर्जा और परमाणु स्रोतों से बिजली उत्पादन क्षमता, यानी कोयला, गैस या तेल से नहीं
- अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)
- सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाला अंतरराष्ट्रीय गठबंधन; इसकी सभा का 9वाँ सत्र Bharat RE 2026 के साथ हुआ
- हरित हाइड्रोजन
- नवीकरणीय बिजली से बनने वाली हाइड्रोजन; राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 50 लाख टन का लक्ष्य
- हरित ऊर्जा गलियारा (Green Energy Corridor)
- नवीकरणीय बिजली को ग्रिड तक पहुँचाने के लिए समर्पित पारेषण लाइनें और सबस्टेशन
क्या हुआ
2 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 (Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026, Bharat RE 2026) का उद्घाटन किया। चार दिन का यह आयोजन 2 से 5 नवंबर 2026 तक चल रहा है और इसकी थीम है "Invest. Innovate. Inspire." (निवेश, नवाचार, प्रेरणा)।
PIB के अनुसार इसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिभागी, 40 से अधिक मंत्री तथा नीति-निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के प्रमुख भाग ले रहे हैं। इसके साथ दो अंतरराष्ट्रीय बैठकें भी हो रही हैं: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) सभा का 9वाँ सत्र और हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH)। ISA की जुलाई 2026 की विज्ञप्ति में बताया गया कि ये तीनों आयोजन पहली बार एक ही मंच पर हो रहे हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 2030 के मौजूदा लक्ष्य के आगे अगले 10 से 11 वर्षों में 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता और जोड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा।
पृष्ठभूमि
- RE-INVEST से Bharat RE तक: PIB के अनुसार यह शिखर सम्मेलन भारत के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन RE-INVEST की कड़ी को आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 2024 के RE-INVEST सम्मेलन का उल्लेख किया।
- भारत के लक्ष्य: सरकार का घोषित लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता है, जिसे प्रधानमंत्री ने भारत की COP-26 प्रतिबद्धता बताया।
- अभी स्थिति क्या है (आधिकारिक आंकड़े): नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 9 अगस्त 2026 को बताया कि 31 जुलाई 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता 300.50 GW हो गई थी। यह लगभग 552 GW की कुल स्थापित क्षमता का 54% से अधिक और 2030 के लक्ष्य का 60% से अधिक है।
| स्रोत (31 जुलाई 2026 तक) | क्षमता |
|---|---|
| सौर | 164.59 GW |
| पवन | 58.14 GW |
| जल विद्युत (बड़ी और छोटी) | 57.24 GW |
| जैव ऊर्जा | 11.75 GW |
| परमाणु | 8.78 GW |
| कुल गैर-जीवाश्म | 300.50 GW |
मुख्य विवरण
आयोजन (PIB की पूर्व-सूचना विज्ञप्ति, 1 नवंबर 2026)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| तिथि और स्थान | 2–5 नवंबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली |
| थीम | Invest. Innovate. Inspire. |
| साझेदार देश (9) | ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, यूनाइटेड किंगडम |
| भाग लेने वाले राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | 13, जिनमें गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और ओडिशा शामिल |
| प्रदर्शनी | 400 से अधिक प्रदर्शक: सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण आदि |
| स्वरूप | पूर्ण सत्र, मंत्री-स्तरीय वार्ता, CEO गोलमेज, B2B, B2G और G2G बैठकें |
प्रधानमंत्री ने क्या कहा (प्रधानमंत्री की वेबसाइट के अनुसार)
- भारत ने स्थापित बिजली क्षमता का आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त करने का पेरिस संकल्प समय से पहले 2025 में पूरा कर लिया और अब वह सौर तथा नवीकरणीय ऊर्जा में शीर्ष तीन देशों में है।
- PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों पर छत पर सौर पैनल (रूफटॉप सोलर) लगाना है; उन्होंने बताया कि 65 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं, हर छह दिन में एक लाख नए घर जुड़ रहे हैं, और एक अध्ययन के अनुसार बिजली बिल लगभग 76% घटे हैं।
- 44,000 से अधिक सरकारी भवन सौर ऊर्जा से चल रहे हैं, जिससे हर वर्ष लगभग ₹700 करोड़ की बचत होती है; KUSUM योजना से 30 लाख से अधिक किसानों को सौर सिंचाई मिली है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य इस दशक के अंत तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन है; कुछ महीने पहले भारत ने अपनी पहली हरित हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की।
- पारेषण (ट्रांसमिशन): हरित ऊर्जा गलियारे (Green Energy Corridors), पाँच क्षेत्रीय ग्रिडों को एक आवृत्ति पर जोड़ने वाला One Nation, One Power Grid नेटवर्क, और लगभग ₹2 लाख करोड़ के नए पारेषण निवेश का लक्ष्य।
- विनिर्माण: सौर मॉड्यूल क्षमता एक दशक पहले लगभग 2 GW थी, जो अब 200 GW से अधिक है; सौर सेल क्षमता लगभग 40 GW है।
- निवेश: पिछले दशक में ₹15 लाख करोड़ (USD 164 billion) से अधिक, RE-INVEST 2024 के बाद ₹6 लाख करोड़ (USD 63 billion) से अधिक, और दशक के अंत तक ₹20 लाख करोड़ (USD 220 billion) से अधिक के अवसरों का अनुमान।
- USD 200 million की अफ्रीका सौर सुविधा (Africa Solar Facility) का प्रस्ताव रखा गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- ऊर्जा सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में है। उन्होंने महामारी और पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट जैसे झटकों तथा कुछ ही क्षेत्रों में केंद्रित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता के जोखिम का उल्लेख किया।
- निवेश और रोज़गार: यह सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, भंडारण और ग्रिड में पूँजी लाने का मंच है; प्रधानमंत्री ने इसे विनिर्माण, स्थापना और सर्विसिंग में रोज़गार से जोड़ा।
- आत्मनिर्भर भारत: घरेलू मॉड्यूल और सेल क्षमता से सौर आपूर्ति शृंखला में आयात पर निर्भरता घटती है।
- ग्लोबल साउथ में नेतृत्व: ISA सभा की मेज़बानी और अफ्रीका सौर सुविधा का प्रस्ताव प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" के दृष्टिकोण से मेल खाते हैं।
मुद्दे और आलोचना
- 2030 तक का अंतर: 2026 के मध्य तक लगभग 300 GW स्थापित है, यानी तीन वर्ष से कुछ अधिक समय में लगभग 200 GW और चाहिए; प्रधानमंत्री ने स्वयं नए 500 GW लक्ष्य को कठिन बताया।
- अनियमित उत्पादन और भंडारण: सौर और पवन ऊर्जा के लिए भंडारण और लचीले ग्रिड की ज़रूरत है; प्रधानमंत्री ने स्वदेशी भंडारण उपकरणों और नई बैटरी क्षमता पर ज़ोर दिया।
- सेल क्षमता मॉड्यूल से पीछे: सेल क्षमता (लगभग 40 GW) मॉड्यूल क्षमता (200 GW से अधिक) से बहुत कम है, इसलिए शुरुआती चरण का विनिर्माण अब भी कमज़ोर कड़ी है।
- भाषण के आंकड़े बनाम आधिकारिक आंकड़े: भाषणों में दिए गए आंकड़ों को उत्तर में लिखने से पहले MNRE की विज्ञप्तियों से मिला लेना चाहिए।
आगे की राह
- सभी सरकारी भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और स्ट्रीटलाइटों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए, और इसमें राज्य तथा स्थानीय निकाय आपस में प्रतिस्पर्धा करें (प्रधानमंत्री का सुझाव)।
- कृषि में सौर ऊर्जा को पंपों से आगे ले जाया जाए: खाली भूमि और खेतों की मेड़ पर पैनल, तथा डेयरी और कटाई के बाद के कामों के लिए सौर उत्पाद।
- भंडारण, पारेषण और चौबीसों घंटे आपूर्ति के मॉडल बनें, जिनमें छत के सौर पैनल से खाना पकाना और घर पर EV चार्जिंग भी शामिल है।
- अन्य विकासशील देशों को वित्त और तकनीक दिलाने के लिए ISA मंच का उपयोग हो।
ऐसे और विषय दोहराने के लिए हिंदी करंट अफेयर्स और UPSC प्रारंभिक परीक्षा हिंदी पेज देखें।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु
- Bharat RE 2026: 2–5 नवंबर 2026, भारत मंडपम, नई दिल्ली; थीम "Invest. Innovate. Inspire."
- साथ में आयोजित: ISA सभा का 9वाँ सत्र और हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन।
- 9 साझेदार देश, 13 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश, 400+ प्रदर्शक, 130+ देशों के प्रतिभागी (PIB)।
- गैर-जीवाश्म क्षमता: 31 जुलाई 2026 तक 300.50 GW (MNRE); सबसे बड़ा हिस्सा सौर का, 164.59 GW।
- लक्ष्य: 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म; प्रधानमंत्री ने 10–11 वर्षों में 500 GW और जोड़ने की घोषणा की।
- हरित हाइड्रोजन लक्ष्य: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत दशक के अंत तक 50 लाख टन (5 million tonnes)।
- PM सूर्य घर का लक्ष्य: एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए एक पंक्ति के तथ्य
- Bharat RE 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 नवंबर 2026 को किया।
- Bharat RE 2026 का आयोजन स्थल: भारत मंडपम, नई दिल्ली।
- यह सम्मेलन भारत के पुराने निवेश सम्मेलन RE-INVEST की कड़ी है।
- भारत की गैर-जीवाश्म क्षमता 300 GW के पार (31 जुलाई 2026 तक 300.50 GW)।
- प्रधानमंत्री द्वारा अफ्रीका के लिए उल्लिखित प्रस्तावित कोष: USD 200 million की अफ्रीका सौर सुविधा।
SSC की तैयारी के लिए SSC CGL हिंदी पेज और रेलवे के लिए RRB NTPC हिंदी पेज देखें।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: "ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में है।" भारत की नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति और Bharat RE 2026 में रेखांकित लक्ष्यों के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द, सामान्य अध्ययन III)
उत्तर में शामिल करने योग्य बिंदु:
- लक्ष्य: 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता, 500 GW का नया लक्ष्य, और प्रगति (31 जुलाई 2026 तक 300.50 GW)।
- ऊर्जा सुरक्षा: आयात पर निर्भरता, कीमतों के झटके, और घरेलू मॉड्यूल, सेल तथा हरित हाइड्रोजन की भूमिका।
- बाधाएँ: भंडारण, पारेषण, अनियमित उत्पादन और शुरुआती चरण के विनिर्माण की कमी।
- आगे की राह: छत और खेतों पर सौर ऊर्जा, हरित ऊर्जा गलियारे, बैटरी भंडारण और ISA के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
स्रोत
- PIB (PMO): PM to inaugurate Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026 on 2nd November, 1 Nov 2026
- PIB (PMO): PM inaugurates Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026, 2 Nov 2026
- PM India: PM inaugurates Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026 (speech highlights), 2 Nov 2026
- PIB (MNRE): India achieves landmark 300 GW non-fossil fuel power capacity, 9 Aug 2026
- ISA press release: BRE Summit & Expo 2026 with 9th ISA Assembly and 4th ICGH, Jul 2026