राष्ट्रीय और चर्चित · 1 नव॰ 2026
Read this in Englishराष्ट्रीय एकता दिवस 2026: सरदार पटेल की 151वीं जयंती, सशस्त्र नक्सलवाद के अंत पर एकता परेड
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एक पंक्ति में: 31 अक्टूबर 2026 को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का नेतृत्व किया, जहाँ एकता परेड में उस उपलब्धि का उत्सव मनाया गया जिसे सरकार 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद का अंत बताती है।
मुख्य तथ्य
- तिथि31 अक्टूबर 2026 (सरदार पटेल की 151वीं जयंती)
- स्थानएकता नगर (केवड़िया), गुजरात – स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- परेड का विषय‘सशस्त्र नक्सलवाद के अंत’ का उत्सव (गृह मंत्रालय); NSD की प्रस्तुति ‘नक्सल मुक्त भारत’
- NSD प्रस्तुति126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकार
- सांस्कृतिक विषयवंदे मातरम् (150वाँ वर्ष); जनता द्वारा डिज़ाइन की गई 15 झांकियाँ
- वामपंथी उग्रवाद पर प्रधानमंत्री2015 में 126 प्रभावित जिले, मार्च 2026 तक एक भी नहीं
- एकता नगर परियोजनाएँ400 करोड़ रुपये से अधिक; 23 का उद्घाटन, 8 का शिलान्यास (IANS)
- रन फॉर यूनिटी (दिल्ली)अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से हरी झंडी दिखाई
घटनाक्रम
- 31 अक्टूबर 1875सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म
- 201431 अक्टूबर को पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया; रन फॉर यूनिटी की शुरुआत
- 2015126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित (प्रधानमंत्री का भाषण)
- 31 अक्टूबर 2025150वीं जयंती; प्रधानमंत्री ने देश के नक्सलवाद से मुक्त होने तक चैन से न बैठने का संकल्प लिया
- मार्च 2026प्रधानमंत्री के अनुसार कोई भी जिला नक्सलवाद से प्रभावित नहीं रहा
- 21 अक्टूबर 2026गृह सचिव ने बताया कि परेड में सशस्त्र नक्सलवाद के अंत का उत्सव मनाया जाएगा
- 31 अक्टूबर 2026एकता नगर में पहली बार शाम को एकता परेड आयोजित
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCसामान्य अध्ययन III: वामपंथी उग्रवाद और आंतरिक सुरक्षा; सामान्य अध्ययन I: सरदार पटेल और रियासतों का एकीकरण
- SSCराष्ट्रीय एकता दिवस की तिथि, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई, पटेल भारत के पहले गृह मंत्री
- Bankingएकता नगर परियोजनाओं की लागत, भारत पर्व 2026, रन फॉर यूनिटी
- Railwaysएक पंक्ति के तथ्य: 151वीं जयंती, एकता नगर, NSD की प्रस्तुति ‘नक्सल मुक्त भारत’
- State PSCगुजरात सामान्य ज्ञान: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नर्मदा जिला, सरदार सरोवर बांध
मुख्य शब्द
- वामपंथी उग्रवाद (Left-Wing Extremism, LWE)
- सशस्त्र माओवादी/नक्सली विद्रोह; गृह मंत्रालय जिलों को LWE-प्रभावित की श्रेणी में रखता है
- एकता परेड
- हर वर्ष 31 अक्टूबर को एकता नगर में राज्य पुलिस, CAPF और केंद्रीय पुलिस संगठनों का मार्च पास्ट
- CAPF
- गृह मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जैसे CRPF और BSF
- दिमागी नक्सल
- प्रधानमंत्री के भाषण का शब्द, जिसे आधिकारिक अंग्रेज़ी विज्ञप्ति में ‘ideological extremists’ (वैचारिक चरमपंथी) कहा गया; उन्होंने इसे अब भी खतरा बताया
क्या हुआ
31 अक्टूबर 2026 को देश ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया। मुख्य समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर (केवड़िया), गुजरात में किया, जहाँ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है।
- सुबह: प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की और एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया (PMIndia)। देश भर में रन फॉर यूनिटी (एकता दौड़) आयोजित हुई; केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली से इसे हरी झंडी दिखाई (आकाशवाणी)।
- शाम: प्रधानमंत्री ने एकता परेड देखी और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। पहली बार परेड और कार्यक्रम सुबह के बजाय शाम को हुए; केंद्रीय गृह सचिव के अनुसार इसका कारण दिन का ऊंचा तापमान था (PIB)।
- परेड का विषय: मार्च पास्ट में उस उपलब्धि का उत्सव मनाया गया जिसे गृह मंत्रालय सशस्त्र नक्सलवाद का अंत कहता है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) ने “नक्सल मुक्त भारत” शीर्षक से नाट्य प्रस्तुति दी।
पृष्ठभूमि
- सरदार वल्लभभाई पटेल (जन्म 31 अक्टूबर 1875) भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री थे। स्वतंत्रता के बाद रियासतों के एकीकरण का नेतृत्व उन्होंने ही किया; PIB के अनुसार इनकी संख्या 560 से अधिक थी, जबकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में “550 से ज्यादा रियासतों” की बात कही।
- राष्ट्रीय एकता दिवस राष्ट्र निर्माण में पटेल की भूमिका के सम्मान में भारत सरकार के निर्णय के बाद 2014 से हर वर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाता है (PIB)। रन फॉर यूनिटी भी 2014 से हर वर्ष इसी दिन आयोजित होती है (PIB, 2025)।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: एकता नगर में नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के पास स्थित पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है (PIB; प्रधानमंत्री का भाषण)।
- 150वाँ जयंती वर्ष: 31 अक्टूबर 2025 को पटेल की 150वीं जयंती थी, जिसका उत्सव दो वर्षों तक चला। उस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा था: “जब तक, जब तक देश नक्सलवाद, माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, हम चैन से बैठने वाले नहीं हैं” (31 अक्टूबर 2026 के भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा उद्धृत)।
मुख्य विवरण
परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम (केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, PIB, 21 अक्टूबर 2026):
| विषय | विवरण |
|---|---|
| टुकड़ियाँ | वे राज्य पुलिस बल और CAPF जो “सशस्त्र नक्सलवाद के विरुद्ध देश की लड़ाई में सबसे आगे” रहे; हर टुकड़ी के प्रधानमंत्री के सामने से गुज़रते समय LED स्क्रीन पर उसकी उपलब्धियों पर एक लघु फ़िल्म दिखाई गई |
| “नक्सल मुक्त भारत” | उन 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकारों के साथ NSD की प्रस्तुति, जिन्होंने “कभी न कभी सशस्त्र नक्सलवाद का खतरा झेला है” |
| विशेष दर्शक | इन 126 जिलों के लगभग 5,000 लोग आमंत्रित |
| सांस्कृतिक विषय | वंदे मातरम्, जो अपने 150वें वर्ष में है |
| झांकियाँ | MyGov और गुजरात में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं से मिले जनता के डिज़ाइनों पर बनी 15 झांकियाँ; एकता नगर में पहली “जन झांकी” |
| सांस्कृतिक प्रस्तुति | लगभग 5,000 कलाकार, लगभग 50 प्रस्तुतियाँ, जिन्हें गुजरात में बसे दूसरे राज्यों के समुदायों ने तैयार किया |
| NSD का नाटक | बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ पर आधारित |
नक्सलवाद पर क्या कहा गया (वक्ता के नाम के साथ):
- केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन (21 अक्टूबर): परेड में “2026 में भारत को सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त कराने की बड़ी उपलब्धि पर ज़ोर दिया जाएगा” (PIB की अंग्रेज़ी विज्ञप्ति का अनुवाद)।
- प्रधानमंत्री मोदी (31 अक्टूबर का भाषण, मूल हिंदी पाठ): “आज देश में नक्सलवाद की कमर तोड़ी जा चुकी है। 2015 में देश के एक सौ छब्बीस जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। मार्च 2026 तक देश में ऐसा कोई जिला नहीं रह गया, जो अब भी नक्सलवाद से प्रभावित हो।”
- प्रधानमंत्री ने आगे कहा: “हमने सुदूर इलाकों में नक्सलवाद का अंत कर दिया है। लेकिन, अभी दिमागी नक्सल का खतरा देश के ऊपर से टला नहीं है।”
एकता नगर की परियोजनाएँ (31 अक्टूबर): आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं में सीवेज और जल उपचार संयंत्र, अग्रभाग की रोशनी, नर्मदा घाट का उन्नयन, एक IRCTC होटल तथा वर्षावन, एकता और इको ट्रेल शामिल हैं। शिलान्यास वाली परियोजनाओं में गोरा-भंद्रा (Gora-Bhandra) सड़क, शून्य अपशिष्ट स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको पर्यटन और कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन शामिल हैं (PMIndia)। IANS की रिपोर्ट के अनुसार 307.83 करोड़ रुपये की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ और 118.88 करोड़ रुपये की 8 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ, यानी कुल 426.71 करोड़ रुपये।
जुड़े हुए कार्यक्रम: 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया (15 नवंबर 2026 तक जारी) और रात्रि पर्यटन के लिए रोशनी के उत्सव एकता प्रकाश पर्व को देखा (PMIndia)।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- आंतरिक सुरक्षा पर सरकार का दावा: सरकार ने औपचारिक रूप से 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद (वामपंथी उग्रवाद, LWE) के अंत का वर्ष बताया है। LWE, प्रभावित जिलों और इसमें लगे सुरक्षा बलों पर प्रश्न सामान्य अध्ययन III में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
- राष्ट्रीय एकीकरण: यह दिवस पटेल द्वारा रियासतों के एकीकरण को एक भारत श्रेष्ठ भारत जैसे आज के एकता अभियानों से जोड़ता है।
- जन भागीदारी: गृह सचिव के अनुसार झांकियों के डिज़ाइन पूरी तरह जनता ने बनाए और सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय के बजाय समुदायों ने तैयार किया।
- जनजातीय जिले में पर्यटन: गृह सचिव ने एकता नगर को देश के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बताया; यह नर्मदा जिले में है, जिसकी 87% आबादी *The Federal* के अनुसार जनजातीय है।
मुद्दे और आलोचना
- “अंत” को सटीक अर्थ में पढ़ें: आधिकारिक दावा सशस्त्र नक्सलवाद और प्रभावित जिलों के बारे में है, जो सरकार का अपना वर्गीकरण है। स्वयं प्रधानमंत्री ने कहा कि “दिमागी नक्सल” का खतरा बना हुआ है, इसलिए वैचारिक पक्ष और शिकायतों वाले पक्ष को समाप्त नहीं बताया गया है।
- उपलब्धियों को बनाए रखना: प्रधानमंत्री ने पूर्व LWE क्षेत्रों में सड़कों, मोबाइल नेटवर्क, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख किया। इन उपलब्धियों का टिके रहना केवल सुरक्षा अभियानों पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर शासन और अधिकारों पर निर्भर है।
- राजनीतिक स्वर: इसी भाषण में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष “विरोध के बजाय अवरोध पक्ष” बन चुका है; The Week ने भी यह बताया। The Week की रिपोर्ट में विपक्ष की कोई प्रतिक्रिया नहीं थी।
- स्थानीय विकास: अक्टूबर 2025 में *The Federal* ने नर्मदा के जनजातीय कार्यकर्ता महेश वसावा के हवाले से एकता नगर पर हो रहे खर्च की तुलना जिले के बाकी हिस्सों की कमज़ोर स्वास्थ्य सेवाओं से की थी।
आगे की राह
- LWE की स्थिति पर जिलेवार स्पष्ट आंकड़े प्रकाशित हों, ताकि “नक्सल मुक्त” दावे की समय के साथ निगरानी हो सके।
- आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों का पुनर्वास और पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा तेज़ी से मिले।
- पूर्व LWE जिलों में सड़क, दूरसंचार, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तय समय-सीमा में हो।
- सुनिश्चित किया जाए कि एकता नगर के पर्यटन से स्थानीय जनजातीय समुदायों को रोज़गार और सुविधाएँ मिलें।
इस और अन्य राष्ट्रीय समाचारों पर अभ्यास के लिए हिंदी करंट अफेयर्स देखें।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु
- राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 से हर वर्ष 31 अक्टूबर को, सरदार पटेल की जयंती पर, मनाया जाता है।
- 2026 में पटेल की 151वीं जयंती थी; 2025 में 150वीं थी।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: 182 मीटर, एकता नगर (केवड़िया), नर्मदा जिला, गुजरात।
- एकता परेड 2026 का विषय: सशस्त्र नक्सलवाद का अंत; NSD की प्रस्तुति “नक्सल मुक्त भारत”, 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकार।
- सांस्कृतिक विषय 2026: वंदे मातरम् (150वाँ वर्ष); जनता द्वारा डिज़ाइन की गई 15 झांकियाँ।
- प्रधानमंत्री: 2015 में 126 जिले LWE-प्रभावित थे; मार्च 2026 तक एक भी नहीं।
- रन फॉर यूनिटी: अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाई।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए एक पंक्ति के तथ्य
- राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।
- सरदार पटेल भारत के पहले गृह मंत्री और पहले उप प्रधानमंत्री थे।
- दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर ऊंची है।
- एकता दिवस 2026 की जानकारी देने वाले केंद्रीय गृह सचिव: गोविंद मोहन।
- एकता नगर में भारत पर्व 2026 15 नवंबर 2026 तक चलेगा।
SSC की तैयारी कर रहे हैं? SSC CGL हिंदी पेज देखें; रेलवे के लिए RRB NTPC हिंदी पेज पर जाएँ।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: सरकार ने 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद के अंत की घोषणा की है। भारत में वामपंथी उग्रवाद में आई गिरावट के कारणों का परीक्षण कीजिए तथा इन उपलब्धियों को स्थायी बनाने के लिए आवश्यक कदम सुझाइए। (250 शब्द)
उत्तर में शामिल करने योग्य बिंदु:
- आधिकारिक दावे: 2015 में 126 LWE-प्रभावित जिले, मार्च 2026 तक एक भी नहीं (प्रधानमंत्री, 31 अक्टूबर 2026)।
- कारण: CAPF और राज्य पुलिस के सुरक्षा अभियान, सड़क और दूरसंचार, कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच।
- शेष चुनौतियाँ: प्रधानमंत्री द्वारा बताया गया “दिमागी नक्सल”, जनजातीय शिकायतें, भूमि और वन अधिकार।
- आगे की राह: पुनर्वास, PESA और वन अधिकार अधिनियम के तहत शासन, पारदर्शी निगरानी।
स्रोत
- PMIndia: PM's speech during Rashtriya Ekta Diwas, 31 Oct 2026
- PMIndia: PM participates in Rashtriya Ekta Diwas celebrations marking the 151st birth anniversary of Sardar Patel, 31 Oct 2026
- PMIndia: PM to visit Gujarat on 30-31 October, 29 Oct 2026
- PIB (MHA): Union Home Secretary's press conference on Rashtriya Ekta Diwas 2026 and Bharat Parv 2026, 21 Oct 2026
- All India Radio: Nation pays tribute to Sardar Patel on his 151st birth anniversary, 31 Oct 2026
- PIB: Rashtriya Ekta Diwas, a pillar of national cohesion, 30 Oct 2025
- PIB (MHA): Amit Shah flags off Run for Unity, Rashtriya Ekta Diwas 2025
- ANI: PM witnesses Rashtriya Ekta Diwas parade; NSD show on Naxal Mukt Bharat, 31 Oct 2026
- IANS via TenNews: PM inaugurates, lays foundation stones for projects worth Rs 426 crore at Ekta Nagar, 31 Oct 2026
- The Week: PM Modi's Rashtriya Ekta Diwas speech, 31 Oct 2026
- The Federal: Crores for Ektanagar, neglect for Narmada's tribals, 30 Oct 2025