UPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम 2027: सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I विषयवार
UPSC नोटिस के अनुसार सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I के सात विषय, हर विषय की विषयवार व्याख्या, CSAT पाठ्यक्रम और तैयारी के लिए ज़रूरी बातें।
अपडेट 1 नवंबर 2026· 8 मिनट· RankVyuh संपादकीय · आधिकारिक सूचनाओं से जाँचा गयाRead in English
संक्षिप्त उत्तर
UPSC प्रारंभिक परीक्षा का सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I (200 अंक, दो घंटे) सात विषयों पर आधारित है: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ, भारत का इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन, भारत और विश्व का भूगोल, राजव्यवस्था और शासन, आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन, तथा सामान्य विज्ञान। यह सूची CSE 2026 के नोटिस से है; 2027 का नोटिस आने पर उसे ज़रूर जाँचें।
UPSC सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा का पाठ्यक्रम छोटा दिखता है: सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I के लिए नोटिस में बस सात पंक्तियाँ हैं। मुश्किल यह है कि हर पंक्ति के पीछे एक बड़ा क्षेत्र छिपा है। यह लेख UPSC के परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-CSE (दिनांक 4 फ़रवरी 2026) के खंड III, भाग A में दिए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। 2027 का नोटिस अभी जारी नहीं हुआ है; जब वह upsc.gov.in पर आए, तो पाठ्यक्रम उससे मिलाकर ज़रूर देखें, क्योंकि नोटिस ख़ुद कहता है कि कई विषयों के पाठ्यक्रम में समय-समय पर संशोधन होता है।
पूरी परीक्षा योजना (अंक, समय, ऋणात्मक अंकन) के लिए हमारा लेख UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027: परीक्षा योजना पढ़ें। यहाँ हम सिर्फ़ यह देखेंगे कि क्या पढ़ना है।
प्रारंभिक परीक्षा के दो प्रश्न-पत्र, एक नज़र में
| प्रश्न-पत्र | अंक | समय | भूमिका |
|---|---|---|---|
| सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I | 200 | 2 घंटे | मुख्य परीक्षा की सूची इसी के कुल अंकों से बनती है (CSAT में 33% के साथ) |
| सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र II (CSAT) | 200 | 2 घंटे | अर्हक, न्यूनतम 33% अंक ज़रूरी |
दोनों प्रश्न-पत्र वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होते हैं, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में छपते हैं, और दोनों में बैठना अनिवार्य है। जो उम्मीदवार किसी एक प्रश्न-पत्र में नहीं बैठता, उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।
सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I: नोटिस में दिए गए सात विषय
नीचे की तालिका में बाईं ओर नोटिस के विषय हैं (नोटिस के अंग्रेज़ी पाठ का हिंदी रूप) और दाईं ओर कोष्ठक में वे उप-विषय जो नोटिस ने ख़ुद गिनाए हैं।
| क्रम | नोटिस का विषय | नोटिस में बताए गए उप-विषय |
|---|---|---|
| 1 | राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ | कोई उप-सूची नहीं |
| 2 | भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | कोई उप-सूची नहीं |
| 3 | भारत और विश्व का भूगोल | भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल |
| 4 | भारतीय राजव्यवस्था और शासन | संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकार-संबंधी मुद्दे आदि |
| 5 | आर्थिक और सामाजिक विकास | सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहलें आदि |
| 6 | पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन के सामान्य मुद्दे | ऐसे मुद्दे जिनके लिए विषय की विशेषज्ञता ज़रूरी नहीं |
| 7 | सामान्य विज्ञान | कोई उप-सूची नहीं |
ध्यान दें कि कई पंक्तियों के अंत में "आदि" लिखा है। इसका मतलब है कि सूची उदाहरण के तौर पर दी गई है, पूरी नहीं है।
हर विषय में क्या पढ़ें: विषयवार मार्गदर्शन
1. सामयिक घटनाएँ
यह अकेला विषय है जिसकी कोई सीमा तय नहीं, इसलिए इसे बाक़ी छह विषयों से जोड़कर पढ़ना ज़्यादा काम आता है। कोई नई सरकारी योजना अर्थव्यवस्था का हिस्सा भी है; किसी अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन की ख़बर पर्यावरण से जुड़ी है; किसी अंतरिक्ष मिशन की ख़बर सामान्य विज्ञान से। उपयोगी स्रोत हैं: एक राष्ट्रीय समाचार-पत्र, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियाँ और आर्थिक सर्वेक्षण व बजट जैसे सरकारी दस्तावेज़। ख़बर पढ़ते समय यह पूछें कि इसके पीछे कौन-सी संस्था, क़ानून या अवधारणा है, क्योंकि प्रश्न अक्सर उसी पर बनते हैं।
2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
इसे आम तौर पर तीन हिस्सों में बाँटकर पढ़ा जाता है:
- प्राचीन भारत: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, बौद्ध और जैन धर्म, मौर्य, गुप्त और बाद के राजवंश।
- मध्यकालीन भारत: दिल्ली सल्तनत, विजयनगर, मुग़ल, भक्ति और सूफ़ी आंदोलन।
- आधुनिक भारत और राष्ट्रीय आंदोलन: यूरोपीय कंपनियों का आगमन, 1857 का विद्रोह, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन, कांग्रेस की स्थापना से स्वतंत्रता तक का संघर्ष।
कला और संस्कृति (स्थापत्य, मूर्तिकला, चित्रकला, नृत्य, संगीत, साहित्य) नोटिस में अलग से नहीं लिखी है, पर तैयारी में इसे आम तौर पर इतिहास के साथ ही पढ़ा जाता है।
3. भारत और विश्व का भूगोल
नोटिस ख़ुद तीन धाराएँ बताता है: भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल।
- भौतिक: पृथ्वी की संरचना, स्थलरूप, जलवायु, महासागर, मृदा, नदी तंत्र।
- सामाजिक: जनसंख्या का वितरण, नगरीकरण, जनजातियाँ।
- आर्थिक: कृषि, खनिज और ऊर्जा संसाधन, उद्योगों की अवस्थिति, परिवहन।
एटलस साथ रखकर पढ़ें। भारत के राज्य, नदियाँ, दर्रे, राष्ट्रीय उद्यान और ख़बरों में आए देशों की स्थिति मानचित्र पर देखना इस विषय का बड़ा हिस्सा है।
4. भारतीय राजव्यवस्था और शासन
नोटिस यहाँ सबसे साफ़ है: संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोक नीति और अधिकार-संबंधी मुद्दे। व्यवहार में इसका मतलब है प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, नीति-निदेशक तत्व, संसद और राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति और राज्यपाल, न्यायपालिका, संघ-राज्य संबंध, संवैधानिक और वैधानिक निकाय, स्थानीय स्वशासन और महत्वपूर्ण संविधान संशोधन। मूल अनुच्छेदों को समझकर पढ़ें; कथन-आधारित प्रश्नों में छोटे अंतर पकड़ने के लिए यही सबसे ज़्यादा काम आता है।
5. आर्थिक और सामाजिक विकास
नोटिस के उप-विषय (सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहलें) बताते हैं कि ज़ोर विकास और कल्याण पर है, सिर्फ़ आर्थिक सिद्धांत पर नहीं। बुनियादी अवधारणाएँ, जैसे राष्ट्रीय आय, मुद्रास्फीति, मौद्रिक और राजकोषीय नीति, बैंकिंग, बजट, विदेश व्यापार और भुगतान संतुलन, समझना ज़रूरी है, ताकि सरकारी योजनाओं और आँकड़ों से जुड़ी ख़बरें ठीक से पढ़ी जा सकें।
6. पर्यावरण, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन
नोटिस साफ़ कहता है कि ये ऐसे सामान्य मुद्दे हैं जिनके लिए विषय की विशेषज्ञता ज़रूरी नहीं। तैयारी में आम तौर पर ये हिस्से आते हैं: पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य शृंखला, संरक्षित क्षेत्र, संकटग्रस्त प्रजातियाँ, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन के कारण और असर, और पर्यावरण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते व संस्थाएँ। यह विषय सामयिक घटनाओं से बहुत जुड़ा है।
7. सामान्य विज्ञान
इसमें भौतिकी, रसायन और जीव-विज्ञान की बुनियादी समझ आती है, साथ में रोज़मर्रा का विज्ञान: स्वास्थ्य और रोग, पोषण, और अंतरिक्ष, रक्षा, जैव-प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के नए विकास। पढ़ाई का स्तर तय करने के लिए NCERT की विज्ञान की पुस्तकें एक आम शुरुआत हैं।
सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र II (CSAT) का पाठ्यक्रम
नोटिस में CSAT के लिए ये विषय दिए गए हैं:
- बोधगम्यता (कॉम्प्रिहेंशन)
- संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल
- तार्किक कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता
- निर्णय लेना और समस्या समाधान
- सामान्य मानसिक योग्यता
- आधारभूत संख्यनन (संख्याएँ और उनके संबंध, विस्तार-क्रम आदि), कक्षा दस का स्तर; आँकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ़, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि), कक्षा दस का स्तर
CSAT अर्हक है, पर 33% से कम अंक आने पर प्रश्न-पत्र I के अंक कितने भी हों, आप मुख्य परीक्षा की सूची में नहीं आएँगे। विस्तार के लिए हमारा CSAT पाठ्यक्रम पेज देखें।
इस पाठ्यक्रम से तैयारी कैसे शुरू करें
- नोटिस की सात पंक्तियाँ अपनी चेकलिस्ट बनाएँ। हर विषय के लिए स्रोत तय करें और देखें कि कौन-सा विषय अब तक छूटा है।
- पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र पहले देखें। इनसे पता चलता है कि UPSC किसी विषय को कितनी गहराई से पूछता है। मूल प्रश्न-पत्र हमारे पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र पेज पर हैं, और UPSC ने CSE 2026 का प्रश्न-पत्र I अपनी वेबसाइट पर भी डाला है।
- सामयिक घटनाओं को स्थिर विषयों से जोड़ें। अलग नोट्स बनाने के बजाय ख़बर को उसी विषय के नोट्स में जोड़ें जिससे वह जुड़ी है।
- समय बाँधकर पूरे टेस्ट दें। विषय पढ़ लेना और दो घंटे में ऋणात्मक अंकन के साथ प्रश्न हल करना अलग बातें हैं।
विषयवार पाठ्यक्रम का पूरा ब्योरा हमारे UPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम पेज पर है, और पूरे टेस्ट का अभ्यास आप लाइव UPSC टेस्ट में कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
UPSC प्रीलिम्स का सिलेबस क्या है?
प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न-पत्र हैं। सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I में सात विषय हैं: सामयिक घटनाएँ, भारत का इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन, भारत और विश्व का भूगोल, राजव्यवस्था और शासन, आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन, तथा सामान्य विज्ञान। प्रश्न-पत्र II (CSAT) में बोधगम्यता, तर्क, निर्णय लेना, मानसिक योग्यता और कक्षा दस स्तर का गणित व आँकड़ों का निर्वचन आता है।
क्या UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 का पाठ्यक्रम बदलेगा?
यह लेख CSE 2026 के नोटिस पर आधारित है। 2027 का पाठ्यक्रम उस वर्ष के नोटिस में दिया जाएगा, इसलिए उसके जारी होने पर upsc.gov.in पर उसे ज़रूर मिलाकर देखें।
UPSC प्रीलिम्स में किस विषय से कितने प्रश्न आते हैं?
UPSC विषयवार प्रश्नों की संख्या घोषित नहीं करता। नोटिस सिर्फ़ विषयों की सूची देता है। किस विषय पर कितना ज़ोर रहा है, यह समझने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र ख़ुद देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
क्या कला और संस्कृति UPSC प्रीलिम्स के सिलेबस में है?
नोटिस में कला और संस्कृति अलग विषय के रूप में नहीं लिखी है। तैयारी में इसे आम तौर पर 'भारत का इतिहास' के हिस्से के रूप में पढ़ा जाता है। यह हमारा मार्गदर्शन है, आधिकारिक वर्गीकरण नहीं।
क्या UPSC प्रीलिम्स हिंदी माध्यम में दे सकते हैं?
हाँ। नोटिस के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों में छपते हैं।
स्रोत
- संघ लोक सेवा आयोग: परीक्षा नोटिस सं. 05/2026-CSE, सिविल सेवा परीक्षा, 2026 (4 फ़रवरी 2026), खंड III, भाग A
- UPSC: सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 पेज
- UPSC: CSE (प्रारंभिक) 2026, सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र I
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