विज्ञान और प्रौद्योगिकी · 8 नव॰ 2026
Read this in EnglishECMS में 12 नई मंज़ूरियाँ नवंबर 2026: ₹7,503 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़ा परियोजनाएँ, मुख्य तथ्य
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एक पंक्ति में: 6 नवंबर 2026 को MeitY ने Electronics Component Manufacturing Scheme के तहत 12 और आवेदन मंज़ूर किए (₹7,503 करोड़ निवेश, 7,127 प्रत्यक्ष रोज़गार, 7 राज्य); अब कुल मंज़ूरियाँ 118 और निवेश ₹77,051 करोड़ है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा6 नवंबर 2026, MeitY (अश्विनी वैष्णव)
- नई मंज़ूरियाँ12 आवेदन
- अनुमानित निवेश₹7,503 करोड़
- अनुमानित उत्पादन₹39,045 करोड़
- प्रत्यक्ष रोज़गार7,127
- राज्य7 (गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश)
- ECMS में अब तक कुल118 आवेदन, ₹77,051 करोड़ निवेश
- योजना परिव्यय (2025)₹22,919 करोड़
घटनाक्रम
- 28 मार्च 2025केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹22,919 करोड़ के परिव्यय के साथ ECMS को मंज़ूरी दी
- 26 अप्रैल 2025ECMS के दिशानिर्देश और ऑनलाइन पोर्टल जारी
- 1 मई 2025ECMS पोर्टल पर आवेदन शुरू
- नवंबर 2026 से पहले₹69,548 करोड़ निवेश वाले 106 आवेदन मंज़ूर
- 6 नवंबर 202612 और आवेदन मंज़ूर, कुल 118; Semicon 2.0 पोर्टल शुरू
आपकी परीक्षा के लिए क्यों ज़रूरी
- UPSCGS III: औद्योगिक नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य शृंखला, आत्मनिर्भर भारत; प्रारंभिक: योजना परिव्यय, प्रोत्साहन के प्रकार, पहली बार मंज़ूर उत्पाद
- SSCतथ्यात्मक प्रश्न: 12 मंज़ूरियाँ, ₹7,503 करोड़, कुल 118 मंज़ूरियाँ, मंत्रालय MeitY
- Bankingनिवेश और उत्पादन के आँकड़े, MSME की हिस्सेदारी, प्रोत्साहन के प्रकार (टर्नओवर से जुड़ा, पूँजीगत व्यय से जुड़ा, हाइब्रिड)
- Railwaysवन-लाइनर: योजना का नाम, मंत्रालय, राशि और राज्यों की संख्या
- State PSCनई इकाइयों वाले राज्य: गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश
मुख्य शब्द
- ECMS
- MeitY की Electronics Component Manufacturing Scheme, जो भारत में इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े, सामग्री और पूँजीगत वस्तुएँ बनाने पर प्रोत्साहन देती है
- कैथोड सक्रिय सामग्री (Cathode active material)
- बैटरी सेल (जैसे लिथियम-आयन सेल) के धनात्मक इलेक्ट्रोड की सामग्री, जो लिथियम आयनों को जमा करती और छोड़ती है
- मल्टी-लेयर PCB
- ऐसा प्रिंटेड सर्किट बोर्ड जिसमें ताँबे की वायरिंग की कई परतें एक के ऊपर एक होती हैं; छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होता है
- पूँजीगत व्यय से जुड़ा प्रोत्साहन (Capex-linked incentive)
- कंपनी द्वारा संयंत्र और मशीनरी में किए गए पूँजीगत निवेश के आधार पर गिनी जाने वाली सहायता
क्या हुआ
6 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत 12 और आवेदनों को मंज़ूरी दी है। इन 12 परियोजनाओं में ₹7,503 करोड़ का अनुमानित निवेश, ₹39,045 करोड़ का अनुमानित उत्पादन और 7,127 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोज़गार शामिल है।
इसी कार्यक्रम में मंत्री ने Semicon 2.0 का वेब आवेदन पोर्टल भी शुरू किया। Semicon 2.0, Semicon India Programme का अगला चरण है।
पृष्ठभूमि
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 मार्च 2025 को ₹22,919 करोड़ के परिव्यय के साथ ECMS को मंज़ूरी दी थी। इसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े बनाने का मज़बूत आधार तैयार करना है, ताकि देश में जोड़े जाने वाले फ़ोन, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भारत में बने पुर्ज़े ज़्यादा लगें और भारत वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ सके।
2025 की आधिकारिक विज्ञप्तियों के अनुसार मुख्य विशेषताएँ:
- अवधि: छह वर्ष (FY2025-26 से FY2031-32), जिसमें एक वर्ष की तैयारी (गेस्टेशन) अवधि शामिल है।
- तीन प्रकार के प्रोत्साहन: टर्नओवर से जुड़ा (बिक्री पर), पूँजीगत व्यय से जुड़ा (संयंत्र और मशीनरी में निवेश पर) और हाइब्रिड (दोनों का मिश्रण)।
- रोज़गार की शर्त: प्रोत्साहन का एक हिस्सा रोज़गार लक्ष्य पूरे करने पर निर्भर है।
- दायरा: उप-संयोजन (जैसे डिस्प्ले और कैमरा मॉड्यूल), मूल पुर्ज़े (जैसे मल्टी-लेयर PCB), इनकी आपूर्ति शृंखला के पुर्ज़े और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में काम आने वाली पूँजीगत वस्तुएँ।
- अपेक्षित परिणाम (2025): ₹59,350 करोड़ का निवेश, ₹4,56,500 करोड़ का उत्पादन और 91,600 अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोज़गार।
दिशानिर्देश और ऑनलाइन पोर्टल 26 अप्रैल 2025 को जारी हुए और 1 मई 2025 से आवेदन शुरू हुए।
मुख्य बिंदु
MeitY की विज्ञप्ति के अनुसार ये मंज़ूरियाँ 10 लक्षित खंड उत्पादों से जुड़ी हैं: 4 पुर्ज़े, 5 आपूर्ति शृंखला उत्पाद, और पूँजीगत वस्तुएँ व उनके हिस्से (जिन्हें एक खंड गिना गया है)। मंज़ूर 12 आवेदन इस प्रकार हैं:
| समूह | कंपनी | उत्पाद |
|---|---|---|
| पुर्ज़े | NeST ICELR Pvt Ltd | मल्टी-लेयर PCB |
| पुर्ज़े | TDConnex (Chennai) Pvt Ltd | रिले |
| पुर्ज़े | Modern Automotives Ltd | हीट सिंक |
| पुर्ज़े | Voltix Semicon Pvt Ltd | विशेष सिरेमिक |
| आपूर्ति शृंखला | Indo Asia Copper Ltd | कॉपर फ़ॉइल |
| आपूर्ति शृंखला | TACC Ltd | एनोड सामग्री |
| आपूर्ति शृंखला | Vidyuta Materials Pvt Ltd | कैथोड सक्रिय सामग्री |
| आपूर्ति शृंखला | Enerfolie LLP | पॉलीप्रोपाइलीन फ़िल्म |
| आपूर्ति शृंखला | Surface Modification Technologies Pvt Ltd | कैमरा रिम |
| पूँजीगत वस्तुएँ | TDConnex (Chennai) Pvt Ltd | सटीक साँचे और टूलिंग |
| पूँजीगत वस्तुएँ | Rockwell Automation India Pvt Ltd | पूँजीगत उपकरणों के लिए बिजली और नियंत्रण प्रणालियाँ |
| पूँजीगत वस्तुएँ | Wipro Pari Robotics Pvt Ltd | फ़ैक्टरी स्वचालन और सिस्टम इंटीग्रेशन के लिए पूँजीगत उपकरण |
विज्ञप्ति के अन्य बिंदु:
- राज्य: गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश।
- पहली बार मंज़ूरी: कॉपर फ़ॉइल, कैथोड सक्रिय सामग्री और विशेष सिरेमिक को पहली बार ECMS के तहत मंज़ूरी मिली।
- MSME: मंत्री के अनुसार योजना के तहत मंज़ूर इकाइयों में से लगभग 50% MSME हैं।
इस दौर के बाद कुल स्थिति
| मद | इस दौर से पहले | इस दौर के बाद |
|---|---|---|
| मंज़ूर आवेदन | 106 | 118 |
| अपेक्षित निवेश | ₹69,548 करोड़ | ₹77,051 करोड़ |
| शामिल उत्पाद | उल्लेख नहीं | 34 |
| शामिल राज्य | उल्लेख नहीं | 16 |
| अनुमानित उत्पादन | उल्लेख नहीं | ₹5,73,146 करोड़ |
| अपेक्षित प्रत्यक्ष रोज़गार | उल्लेख नहीं | 81,755 |
यह क्यों महत्वपूर्ण है
- गहरी मूल्य शृंखला: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जोड़ने (असेंबली) वाले देश के रूप में आगे बढ़ा है; ECMS उत्पादन को पीछे की कड़ियों, यानी पुर्ज़ों, सामग्री और मशीनों तक ले जाती है।
- बैटरी सामग्री: एनोड सामग्री, कैथोड सक्रिय सामग्री और कॉपर फ़ॉइल बैटरी सेल बनाने में लगती हैं, इसलिए यह दौर बैटरी आपूर्ति शृंखला को भी सहारा देता है।
- देश में पूँजीगत वस्तुएँ: साँचे, टूलिंग और ऑटोमेशन उपकरणों की मंज़ूरी से कारख़ाने कुछ मशीनें भारत से ही ले सकेंगे।
- रोज़गार और MSME: मंज़ूर इकाइयों में लगभग आधी MSME हैं, इसलिए लाभ केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है।
- राज्यों में फैलाव: योजना अब 16 राज्यों तक पहुँच चुकी है, जिससे औद्योगिक आधार कुछ गिने-चुने क्लस्टरों से आगे बढ़ता है।
मुद्दे और आलोचना
विज्ञप्ति में कमियों की चर्चा नहीं है। नीचे के बिंदु संतुलित उत्तर लेखन के लिए RankVyuh का अपना विश्लेषण हैं, आधिकारिक बयान नहीं।
- रोज़गार बनाम 2025 का अनुमान (हमारी तुलना, कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं): दोनों आधिकारिक आँकड़ों को साथ रखें तो अब तक की मंज़ूरियों का अपेक्षित निवेश (₹77,051 करोड़) और अनुमानित उत्पादन (₹5,73,146 करोड़) 2025 में पूरी अवधि के लिए अनुमानित राशि (₹59,350 करोड़ और ₹4,56,500 करोड़) से पहले ही ज़्यादा है, जबकि अपेक्षित प्रत्यक्ष रोज़गार (81,755) अनुमानित 91,600 से कम है। योजना FY2031-32 तक चलेगी, इसलिए यह मौजूदा स्थिति है, अंतिम परिणाम नहीं।
- अनुमान, वास्तविकता नहीं: सभी आँकड़े प्रतिबद्धताएँ और अनुमान हैं; वास्तविक उत्पादन इकाइयों के बनने और चालू होने पर निर्भर करेगा।
- तकनीकी गहराई: मंत्री ने स्वयं परियोजनाओं के कड़े चयन और गुणवत्ता, तकनीकी गहराई तथा R&D पर ज़ोर दिया; उन्नत PCB और बैटरी सामग्री जैसे पुर्ज़ों के लिए ऐसी तकनीक और कुशल कामगार चाहिए जिन्हें तैयार होने में समय लगता है।
- योजनाओं का दोहराव: ECMS, Semicon 2.0 और अन्य प्रोत्साहन योजनाएँ मूल्य शृंखला के आपस में जुड़े हिस्सों को लक्ष्य करती हैं, इसलिए दोहराव से बचने के लिए तालमेल ज़रूरी है।
आगे की राह
- केवल मंज़ूरियों पर नहीं, मंज़ूर इकाइयों के चालू होने और उत्पादन पर भी नज़र रखी जाए।
- योजना को कौशल विकास से जोड़ा जाए, ताकि रोज़गार की शर्तें पूरी हो सकें।
- ऐसे क्लस्टर बनाए जाएँ जहाँ पुर्ज़े, सामग्री और पूँजीगत वस्तुएँ बनाने वाले असेंबली करने वालों के पास हों।
- ECMS और Semicon 2.0 में तालमेल हो, ताकि चिप और पुर्ज़ों की आपूर्ति शृंखलाएँ साथ-साथ बढ़ें।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए तथ्य
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 मार्च 2025 को ₹22,919 करोड़ के परिव्यय के साथ ECMS को मंज़ूरी दी; नोडल मंत्रालय MeitY है।
- प्रोत्साहन के प्रकार: टर्नओवर से जुड़ा, पूँजीगत व्यय से जुड़ा और हाइब्रिड।
- 6 नवंबर 2026 को 12 और आवेदन मंज़ूर हुए: निवेश ₹7,503 करोड़, उत्पादन ₹39,045 करोड़, 7,127 प्रत्यक्ष रोज़गार।
- नई इकाइयाँ 7 राज्यों में हैं; अब कुल दायरा 16 राज्य और 34 उत्पाद है।
- कुल मंज़ूरियाँ: 118 आवेदन, अपेक्षित निवेश ₹77,051 करोड़।
- ECMS में पहली बार मंज़ूरी: कॉपर फ़ॉइल, कैथोड सक्रिय सामग्री और विशेष सिरेमिक।
- Semicon 2.0 का पोर्टल उसी दिन शुरू हुआ; India Semiconductor Mission के तहत Semicon 2.0 का परिव्यय ₹1,27,500 करोड़ है।
SSC, बैंकिंग और रेलवे के लिए वन-लाइनर
- ECMS का पूरा नाम Electronics Component Manufacturing Scheme है, जिसे MeitY चलाता है।
- नवंबर 2026 की 12 नई ECMS मंज़ूरियों में ₹7,503 करोड़ का निवेश है।
- ECMS के तहत कुल मंज़ूरियाँ: 16 राज्यों में 118 आवेदन।
- ECMS के तहत मंज़ूर इकाइयों में लगभग 50% MSME हैं (मंत्री के अनुसार)।
- Semicon 2.0 पोर्टल को अश्विनी वैष्णव ने 6 नवंबर 2026 को शुरू किया।
- ऐसे और तथ्यों के लिए पढ़ें हिंदी करंट अफेयर्स, और SSC CGL व RRB NTPC की तैयारी जारी रखें।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
"भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स जोड़ने से आगे बढ़कर उनके पुर्ज़े बनाने होंगे।" इस संदर्भ में Electronics Component Manufacturing Scheme की भूमिका और इसके लक्ष्यों को पाने की चुनौतियों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)
उत्तर में शामिल करें:
- पुर्ज़े बनाना क्यों ज़रूरी है: मूल्य संवर्धन, आयात पर निर्भरता, वैश्विक मूल्य शृंखलाएँ।
- ECMS की संरचना: ₹22,919 करोड़ का परिव्यय, टर्नओवर, पूँजीगत व्यय और हाइब्रिड प्रोत्साहन, रोज़गार से जुड़ा भुगतान।
- प्रगति: 118 मंज़ूरियाँ, ₹77,051 करोड़ का निवेश, बैटरी सामग्री और विशेष सिरेमिक में पहली मंज़ूरियाँ, MSME की हिस्सेदारी।
- चुनौतियाँ और आगे की राह: अब तक के अपेक्षित रोज़गार (81,755) की अनुमानित 91,600 से तुलना, मंज़ूरियों को चालू इकाइयों में बदलना, तकनीक और कौशल, Semicon 2.0 के साथ तालमेल।
स्रोत
- PIB (MeitY), Union Minister Ashwini Vaishnaw Launches Semicon 2.0 Web Application Portal and Announces 12 Approved Applicants under Electronics Components Manufacturing Scheme, 6 Nov 2026
- PIB, Cabinet approves Electronics Component Manufacturing Scheme for making India Atmanirbhar in electronics supply chain, 28 Mar 2025
- PIB (MeitY), Union Minister Ashwini Vaishnaw Launches Guidelines and Portal for Electronics Component Manufacturing Scheme, 26 Apr 2025